Ashadh Maas 2026 में तुलसी पूजा के 5 अचूक उपाय, भगवान विष्णु की कृपा और सुख-समृद्धि पाने की मान्यता

By Tami

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धर्म संवाद / डेस्क : आषाढ़ मास (Ashadh Month) का शुभारंभ होते ही सनातन धर्म में पूजा-पाठ, व्रत, जप और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बढ़ जाता है। इसी महीने आने वाली देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य स्थगित रहते हैं, जबकि भगवान की भक्ति, दान-पुण्य और तपस्या का कई गुना पुण्य फल मिलता है।

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ मास में तुलसी माता की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि तुलसी की श्रद्धापूर्वक सेवा और भगवान विष्णु की आराधना से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं आषाढ़ माह में किए जाने वाले तुलसी के पांच प्रमुख धार्मिक उपाय।

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1. तुलसी के पास बैठकर करें भगवान विष्णु के मंत्र का जाप

आषाढ़ मास में प्रतिदिन तुलसी के पौधे के समीप बैठकर ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं।

2. संध्या समय तुलसी के पास जलाएं घी का दीपक

हर शाम तुलसी के पौधे के समीप शुद्ध घी का दीपक जलाना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। साथ ही आर्थिक उन्नति के मार्ग भी प्रशस्त होते हैं।

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3. शुक्रवार को तुलसी को अर्पित करें दूध मिश्रित जल

आषाढ़ मास के प्रत्येक शुक्रवार तुलसी माता को जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन प्राप्ति के नए अवसर बन सकते हैं।

4. तुलसी की परिक्रमा करें, लेकिन इन दिनों रखें विशेष ध्यान

प्रतिदिन स्नान के बाद तुलसी को जल अर्पित करें और भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए 7, 11 या 21 परिक्रमा करें। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। हालांकि, रविवार और एकादशी के दिन तुलसी को जल अर्पित नहीं किया जाता, इसलिए इस नियम का पालन करना आवश्यक माना गया है।

5. भगवान विष्णु को अर्पित करें तुलसी दल

आषाढ़ मास में भगवान विष्णु की पूजा के दौरान तुलसी दल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। ध्यान रखें कि रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए

धार्मिक मान्यता

सनातन परंपरा में तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। इसलिए आषाढ़ मास में तुलसी की नियमित पूजा और भगवान विष्णु की आराधना को विशेष महत्व दिया गया है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए ये उपाय आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माने जाते हैं।

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी प्रदान करना है।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .