धर्म संवाद/ डेस्क : चैत्र नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। नौ दिनों का यह पर्व में मां आदिशक्ति को समर्पित होता है। इस दौरान माता रानी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कूष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री, दुर्गा माता के नौ स्वरूप हैं। इस दौरान भक्त विधि-विधान से व्रत रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। माता रानी को प्रसन्न करने के लिए लोग भजन-कीर्तन भी करते हैं। इसके साथ ही पूजा में विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं।
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नवरात्रि के प्रत्येक दिन विभिन्न माताओं की पूजा की जाती है और उसी के अनुसार विशेष भोग भी लगाया जाता है। इस पर्व के दौरान सात्विक भोजन, जैसे फल, दूध से बनी मिठाइयां और हलवा-पूड़ी चढ़ाए जाते हैं। भोग अर्पण भक्तों की श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों में माता को कौन-कौन से भोग चढ़ाए जा सकते हैं, जिससे उनकी कृपा पूरे परिवार पर बनी रहे। नवरात्रि हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पावन पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है। इस दौरान भक्त विशेष भोग अर्पित करते हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। भोग समर्पित करने से देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चैत्र नवरात्रि 2025 भोग सूची
- पहला दिन – मां शैलपुत्री: गाय का घी अर्पित करें।
- दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी: चीनी और पंचामृत अर्पित करें।
- तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा: दूध या दूध से बनी मिठाई अर्पित करें।
- चौथा दिन – मां कूष्मांडा: फल और मालपुआ चढ़ाएं।
- पांचवां दिन – मां स्कंदमाता: केला अर्पित करें।
- छठा दिन – मां कात्यायनी: मीठा पान और शहद अर्पित करें।
- सप्तमी – मां कालरात्रि: गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई चढ़ाएं।
- अष्टमी – मां महागौरी: नारियल और खीर चढ़ाएं।
- नवमी – मां सिद्धिदात्री: हलवा, पूड़ी और चने की सब्जी अर्पित करें।