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पवन उड़ा के ले गई रे मेरी मां की चुनरिया: भजन

By Tami

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धर्म संवाद / डेस्क : पवन उड़ा के ले गई रे मेरी मां की चुनरिया माता रानी के भक्तों के बीच लोकप्रिय भक्ति गीतों में से एक है। इस भजन में मां शेरावाली की चुनरिया के कैलाश, अयोध्या, गोकुल और सत्संग तक पहुंचने का सुंदर वर्णन किया गया है। भजन के माध्यम से मां की महिमा, भक्ति और श्रद्धा को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

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नवरात्रि, दुर्गा पूजा, माता की चौकी, जागरण और कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजनों में माता रानी के भजन भक्तों के मन में विशेष उत्साह और भक्ति का भाव जगाते हैं। अगर आप भी मां शेरावाली का भजन ‘मेरी मां की चुनरिया’ पढ़ना या गुनगुनाना चाहते हैं, तो यहां इसके लिरिक्स दिए गए हैं।

पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया,
माँ की चुनरिया शेरावाली की चुनरिया…..

उड़ के चुनरिया कैलाश पे पहुंची,
कैलाश पे पहुंची कैलाश पे पहुंची,
माँ गौर जी के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया……

उड़ के चुनरिया अयोध्या में पहुंची,
अयोध्या में पहुंची अयोध्या में पहुंची,
माँ सीता जी के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया……

उड़ के चुनरिया गोकुल में पहुंची,
गोकुल में पहुंची गोकुल में पहुंची,
माँ राधा के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया……

उड़ के चुनरिया सत्संग में पहुंची,
सत्संग में पहुंची सत्संग में पहुंची,
रे भगतों के मन को भा गयी रे,
मेरी माँ की चुनरिया……

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .

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