धर्म संवाद / डेस्क : भगवान श्रीराम और उनके परम भक्त हनुमान जी की भक्ति से जुड़े भजन सदियों से श्रद्धालुओं के हृदय में विशेष स्थान रखते हैं। ऐसा ही एक लोकप्रिय भजन है – “श्री राम की गली में तुम जाना, वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना”। यह भजन केवल संगीत नहीं, बल्कि भगवान राम और हनुमान जी के बीच अटूट प्रेम, समर्पण और भक्ति का प्रतीक है।
यह भी पढ़े : हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की – भजन
जब भी यह भजन किसी मंदिर, धार्मिक कार्यक्रम या कीर्तन में गूंजता है, भक्त भाव-विभोर होकर श्रीराम और बजरंगबली की भक्ति में डूब जाते हैं। भजन की पंक्तियां यह संदेश देती हैं कि जहां प्रभु श्रीराम का नाम लिया जाता है, वहां उनके सबसे बड़े भक्त हनुमान जी सदैव उपस्थित रहते हैं। यही कारण है कि यह भजन श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है और धार्मिक आयोजनों में विशेष रूप से गाया जाता है।
श्री राम की गली में तुम जाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना,
श्री राम की गली मे तुम जाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना।।
उनके तन में है राम,
उनके मन में है राम,
अपनी आंखो से देखे,
वो कण कण में राम,
श्री राम का वो हो गया दीवाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना,
श्री राम की गली मे तुम जाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना।।
ऐसा राम जी से,
जोड़ लिया नाता,
जब भी देखो,
उन्ही के गुण गाता,
श्री राम के चरण में ठिकाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना,
श्री राम की गली मे तुम जाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना।।
उनसे कहना राम राम,
वो कहेंगे राम राम,
कुछ भी सुनते नहीं,
बस सुनेंगे राम राम,
महामन्त्र है ये भूल नहीं जाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना,
श्री राम की गली मे तुम जाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना।।
इतनी भक्ति वो,
‘बनवारी’ करने लगे,
उनके सिने में,
राम सिया रहने लगे,
इस कहानी को जानता जमाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना,
श्री राम की गली मे तुम जाना,
वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना।।
