क्या घर के मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखनी चाहिए? जानें वास्तु शास्त्र के नियम

By Tami

Published on:

Two idols in the home shrine

धर्म संवाद / डेस्क : घर के मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियां और तस्वीरें रखने को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या एक ही भगवान की दो मूर्तियां या तस्वीरें घर के पूजा स्थल में रखी जा सकती हैं? वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा घर में मूर्तियों को रखने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कि घर के मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखने को लेकर वास्तु शास्त्र क्या कहता है।

यह भी पढ़े : भगवान शिव की तस्वीर किस दिशा में लगानी चाहिए? जानें वास्तु के नियम

क्या घर के मंदिर में एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखना शुभ होता है?

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर के पूजा स्थल में एक ही देवी-देवता की दो मूर्तियां या तस्वीरें रखने से बचना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से घर की ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, यह एक धार्मिक और वास्तु मान्यता है, जिसे अलग-अलग परंपराओं और परिवारों में अलग तरीके से देखा जाता है।

WhatsApp channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

एक ही भगवान की दो मूर्तियां रखने से क्या माने जाते हैं प्रभाव?

1. सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन प्रभावित होना

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, एक ही भगवान की दो मूर्तियां एक साथ रखने से पूजा स्थल की ऊर्जा में असंतुलन उत्पन्न हो सकता है, जिससे घर के वातावरण पर असर पड़ सकता है।

2. परिवार में तनाव और मतभेद

कुछ मान्यताओं के अनुसार, इससे परिवार के सदस्यों के बीच अनावश्यक विवाद और तनाव बढ़ सकते हैं, जिससे घर की शांति प्रभावित होती है।

3. आर्थिक परेशानियों की संभावना

वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि पूजा घर में अनावश्यक या अधिक मूर्तियां रखने से आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो सकती है और खर्चों में वृद्धि हो सकती है।

See also  इस दिन भूलकर भी न करें पीपल के पेड़ की पूजा

4. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा स्थल में अव्यवस्था या वास्तु दोष होने पर घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

5. नौकरी और व्यापार में बाधाएं

कुछ लोग मानते हैं कि पूजा घर में वास्तु नियमों की अनदेखी करने से कार्यक्षेत्र और व्यापार में रुकावटें आ सकती हैं।

घर के मंदिर में मूर्तियां रखने के सही नियम

1. एक देवी-देवता की एक ही मूर्ति या तस्वीर रखें

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, पूजा स्थल में किसी भी देवी-देवता की केवल एक मूर्ति या एक तस्वीर रखना बेहतर माना जाता है।

2. मूर्ति का आकार छोटा रखें

घर के मंदिर में रखी जाने वाली मूर्तियों का आकार सामान्यतः 3 से 4 इंच तक रखना शुभ माना जाता है। बड़ी मूर्तियां मंदिरों और सार्वजनिक पूजा स्थलों के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती हैं।

3. खंडित या टूटी हुई मूर्तियां न रखें

यदि कोई मूर्ति टूट जाए या खंडित हो जाए, तो उसे पूजा स्थल से सम्मानपूर्वक हटाकर किसी पवित्र स्थान, जल स्रोत या पेड़ के नीचे विधिपूर्वक स्थापित या विसर्जित करना उचित माना जाता है।

4. मंदिर को साफ और व्यवस्थित रखें

पूजा स्थल में सीमित और व्यवस्थित मूर्तियां रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है और पूजा में एकाग्रता बढ़ती है।

5. देवी-देवताओं की मूर्तियों को उचित दिशा में रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूजा घर के लिए उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) सबसे शुभ मानी जाती है।

धार्मिक दृष्टि से क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

धार्मिक और वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि पूजा का मुख्य उद्देश्य श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक भावना है। मूर्तियों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण आपकी आस्था और पूजा की भावना होती है। इसलिए पूजा घर को सरल, स्वच्छ और व्यवस्थित रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .