धर्म संवाद /डेस्क : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की एक प्रतिभाशाली छात्रा ने अपनी अद्भुत कला से पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उत्कृष्ट विद्यालय की 12वीं कक्षा की छात्रा और माइक्रो आर्टिस्ट दीक्षा कुशवाह ने महज 22 मिनट में 8 मिलीमीटर आकार की 12 चने की दालों पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की सूक्ष्म पेंटिंग बनाकर वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
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दीक्षा की इस अनोखी उपलब्धि ने न केवल उज्जैन बल्कि पूरे मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस कला को देखकर लोग हैरान हैं, क्योंकि इतनी छोटी सतह पर इतनी बारीकी से चित्र बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है।
8 मिमी की दाल पर उकेरे 12 ज्योतिर्लिंग

दीक्षा कुशवाह ने 8 मिलीमीटर आकार की चने की 12 दालों पर भारत के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां बनाई हैं। सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने यह पूरा कार्य मात्र 22 मिनट में पूरा कर दिखाया। उनकी बनाई गई प्रत्येक आकृति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जो उनकी असाधारण एकाग्रता, धैर्य और कलात्मक प्रतिभा को दर्शाती है। यह रिकॉर्ड उन्होंने शिप्रा फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभिषेक तोमर के मार्गदर्शन में हासिल किया। दीक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरु और परिवार को भी दिया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी बधाई
दीक्षा की इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि उज्जैन की प्रतिभाशाली बिटिया ने 8 मिमी आकार की चने की दालों पर 12 ज्योतिर्लिंगों की पेंटिंग बनाकर असाधारण कला का परिचय दिया है और वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने दीक्षा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आगे भी अपनी प्रतिभा से प्रदेश और देश का नाम रोशन करती रहें।
एक साल की मेहनत से हासिल की सफलता
उज्जैन के ऋषि नगर निवासी दीक्षा कुशवाह फ्रीगंज स्थित एक आर्ट क्लास में प्रशिक्षण लेती हैं। माइक्रो आर्ट के प्रति उनकी रुचि तब बढ़ी जब उन्होंने अन्य विद्यार्थियों की सूक्ष्म कलाकृतियां देखीं। इसके बाद उन्होंने लगभग एक वर्ष तक लगातार अभ्यास किया और अपनी कला को निखारा।
13 अप्रैल को तैयार की गई इस विशेष कलाकृति में उन्होंने अत्यंत सूक्ष्मता के साथ 12 ज्योतिर्लिंगों की आकृतियां बनाई। इतने छोटे आकार पर चित्र बनाना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी चुनौती होती है, जिसके लिए स्थिर हाथ, विशेष उपकरण और गहन एकाग्रता की आवश्यकता होती है।
केदारनाथ, बद्रीनाथ और महाकाल से मिली प्रेरणा
दीक्षा ने बताया कि उन्हें 12 ज्योतिर्लिंगों की यह अनूठी कलाकृति बनाने की प्रेरणा केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा महाकाल के दर्शन के दौरान मिली। इसके अलावा कॉलेज के कई विद्यार्थियों को वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते देखकर उनके भीतर भी कुछ अलग और बड़ा करने की इच्छा जगी। उन्होंने कहा कि सबसे छोटे आकार में 12 ज्योतिर्लिंग बनाने का सपना ही उनकी प्रेरणा बना और लगातार मेहनत के बल पर वह इस उपलब्धि तक पहुंच सकीं।
देशभर में हो रही सराहना
दीक्षा कुशवाह की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी मेहनत, समर्पण और कलात्मक कौशल की सराहना देशभर में हो रही है। यह उपलब्धि साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।






