धर्म संवाद / डेस्क : माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मकर संक्रांति के अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बड़ी खुशखबरी दी है। रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की ऐतिहासिक प्राकृतिक गुफा को श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिया गया है। यह गुफा आमतौर पर वर्ष के अधिकांश समय बंद रहती है।
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प्राकृतिक गुफा के पुनः खुलने के अवसर पर विधि-विधान के अनुसार विशेष प्रार्थनाएं की गईं और वैदिक मंत्रों का जाप किया गया। श्राइन बोर्ड के अनुसार, मकर संक्रांति का पर्व नई शुरुआत और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक है, ऐसे में इस दिन गुफा को खोलना अत्यंत शुभ माना जाता है।
साल में सिर्फ जनवरी-फरवरी में खुलती है प्राकृतिक गुफा
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि अधिक तीर्थयात्रियों की आवाजाही के कारण यह पवित्र प्राकृतिक गुफा साल के ज्यादातर समय बंद रहती है। आमतौर पर इसे जनवरी और फरवरी के महीनों में ही खोला जाता है, जब श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है। सर्दियों के मौसम में दर्शन के दौरान भक्तों को माता रानी के प्राचीन स्वरूप के दर्शन का दुर्लभ अवसर मिलता है।
रोजाना 20 से 25 हजार श्रद्धालु कर रहे दर्शन
श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग और दिव्यांग तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि उन्हें दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के पहले 13 दिनों में 3,05,217 श्रद्धालुओं ने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए, जबकि वर्ष 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 2,68,761 थी। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 20 से 25 हजार श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर रहे हैं।
कश्मीर में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी
उधर, जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि पुलवामा में पारा शून्य से 6.1 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया।
कड़ाके की ठंड के चलते डल झील के कुछ हिस्सों सहित कई जलाशयों का पानी जम गया है। दक्षिण कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। इसके अलावा काजीगुंड, कोकेरनाग और कुपवाड़ा जैसे इलाकों में भी तापमान शून्य से नीचे बना हुआ है।
श्रद्धालुओं से सतर्कता बरतने की अपील
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से मौसम को देखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि दर्शन यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।
