धर्म संवाद / डेस्क : हिंदू धर्म में चार धाम यात्रा को मोक्षदायी माना गया है। इनमें जगन्नाथ पुरी धाम का विशेष स्थान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यदि कोई श्रद्धालु जीवन में एक बार भी भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर ले, तो उसकी चार धाम यात्रा पूर्ण मानी जाती है।
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ओडिशा के पुरी में स्थित इस पवित्र धाम में भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) अपने बड़े भाई बलभद्र (बलराम) और बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं। यहां कई ऐसी परंपराएं निभाई जाती हैं, जो दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं। इनमें सबसे अनोखी परंपरा है ‘बेंत प्रसाद’ की।
क्या है जगन्नाथ पुरी में ‘बेंत’ मारने की परंपरा?
जगन्नाथ पुरी में दर्शन के दौरान कुछ श्रद्धालुओं को मंदिर के पुजारी एक विशेष बेंत (छड़ी) से हल्का स्पर्श या प्रतीकात्मक आशीर्वाद देते हैं। इसे स्थानीय परंपरा में भगवान जगन्नाथ का विशेष प्रसाद माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस बेंत का स्पर्श मिलने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
क्या है इस परंपरा के पीछे की मान्यता?
लोक मान्यताओं के अनुसार, यह परंपरा भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि बाल कृष्ण अत्यंत चंचल और नटखट थे। उनकी शरारतों से परेशान होकर माता यशोदा कई बार उन्हें डांटती थीं और अनुशासन सिखाने के लिए बेंत का भी प्रयोग करती थीं।
इसी स्मृति से जुड़ी मान्यता के कारण भगवान जगन्नाथ के मंदिर में एक विशेष बेंत रखा जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भगवान के आशीर्वाद स्वरूप इस बेंत का स्पर्श जीवन में शुभ फल प्रदान करता है।
कैसा होता है यह बेंत?
माना जाता है कि यह बेंत नारियल की लकड़ी या विशेष प्रकार की लकड़ी से बनाया जाता है और इसे भगवान जगन्नाथ के समीप रखा जाता है। श्रद्धालु इसे भगवान के प्रसाद के रूप में सम्मान देते हैं।
घर में बेंत रखने की क्या मान्यता है?
जगन्नाथ पुरी से लौटते समय कई श्रद्धालु इस पवित्र बेंत को अपने साथ घर लेकर आते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
- इसे घर के पूजा स्थल में रखा जाता है।
- पूजा के बाद परिवार के सदस्यों को इसका स्पर्श कराया जाता है।
- माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- नकारात्मकता दूर होती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
- कई श्रद्धालु इसे भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद का प्रतीक मानते हैं।
जगन्नाथ पुरी का धार्मिक महत्व
पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर भारत के चार प्रमुख धामों में शामिल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन और प्रसिद्ध रथ यात्रा में भाग लेने आते हैं। मंदिर अपनी प्राचीन परंपराओं, महाप्रसाद और अद्भुत धार्मिक मान्यताओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।






