धर्म संवाद / डेस्क : भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन की देखरेख में मुख्य महारणा, सहयोगी महारणा और भोई सेवकों के संयुक्त प्रयास से तीनों रथों का निर्माण कार्य निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है। रथयात्रा की तिथि नजदीक आने के साथ ही रथ निर्माण के विभिन्न चरणों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
तीनों रथों में शुरू हुआ ताग बाड़िया कार्य
रथ निर्माण प्रक्रिया के तहत अब तीनों रथों में ताग (बटन) बाड़िया का कार्य शुरू कर दिया गया है। रथों की वेदी के आगे के हिस्से को छोड़कर आगे और पीछे की ओर ताग बाड़िया किया जा रहा है। इसके बाद रथ वेदी के चारों ओर पट्टा लगाने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे रथों की संरचना और मजबूत होगी।
पोतल निर्माण की प्रक्रिया भी हुई शुरू
रविवार को रथ अमीन ने भोई सेवकों की सहायता से तीनों रथों के 13-परस्त पोतल निर्माण के लिए आवश्यक पोतल पट्टे उपलब्ध कराए। इसके बाद तालध्वज रथ के महारणाओं ने निर्धारित माप के अनुसार प्रथम पोतल पट्टे की कटिंग शुरू कर दी। महारणा सेवकों ने तीनों रथों के आगे और पीछे के हिस्से के लिए दो-दो 20 फीट लंबे कतरा तैयार कर लिए हैं। वहीं भोई सेवकों ने नंदीघोष रथ के पिछले हिस्से में दोनों ओर कतरा जोड़ने का कार्य भी पूरा कर लिया है।
रूपकार सेवक कर रहे नक्काशी और अलंकरण
रूपकार सेवक पहले से तैयार नाटगोड़ प्रतिमाओं की पॉलिशिंग में जुटे हुए हैं। इसके साथ ही शेष नाटगोड़ों पर कंदर्प रूप की नक्काशी, चारपरिछा पर चित्रांकन और तीनों रथों के अलंकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
कमारशाला में तैयार हो रहे लोहे के उपकरण
दोलबेदी स्थित अस्थायी कमारशाला में ओझा कमार सेवक रथ निर्माण के लिए आवश्यक लोहे के उपकरण तैयार कर रहे हैं। इनमें कैंची कांटा, गोड़ी छाल, बागिया तथा पोतल निर्माण में उपयोग होने वाले अन्य उपकरण शामिल हैं।
पूजा सामग्री और रंगाई का कार्य भी जारी
पाही महारणा सेवक भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की सेवा-पूजा के लिए लकड़ी से बने विभिन्न उपकरण तैयार कर रहे हैं। वहीं चित्रकार सेवक रथों के पार्श्व देव-देवियों की मूर्तियों, सखियों, उलट शुआ, आसन फ्रेम और अन्य सजावटी हिस्सों पर रंग-रोगन का कार्य कर रहे हैं।
रथयात्रा को लेकर भक्तों में उत्साह
विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथयात्रा के लिए हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। ऐसे में रथ निर्माण का कार्य भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्रीमंदिर प्रशासन और सेवायतों की निगरानी में रथ निर्माण के सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं ताकि रथयात्रा का आयोजन भव्य और सफल हो सके।
