धर्म संवाद / डेस्क : राजकीय श्रावणी मेला 2026 के पहले सोमवार को बाबा धाम में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला। देर रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। प्रशासन का अनुमान है कि सोमवार देर शाम तक करीब दो लाख श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।
रात करीब दो बजे से पहले ही लगभग 10 किलोमीटर लंबी कतार लग गई थी, जो सुबह तक लगातार बनी रही। श्रद्धालु “बोल बम” के जयघोष के साथ अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
सरदार पंडा ने संपन्न कराई प्रातःकालीन पूजा
सोमवार सुबह मंदिर के पट खुलने के बाद सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने बाबा बैद्यनाथ की प्रातःकालीन पूजा संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को गंगाजल और बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं और श्रद्धालुओं को श्रद्धा एवं विधि-विधान से जलार्पण करना चाहिए।
डीसी-एसपी ने संभाली व्यवस्था की कमान
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। मंदिर के पट खुलने से पहले ही डीसी, एसपी और डीडीसी मंदिर परिसर पहुंच गए। जलार्पण शुरू होने के बाद अधिकारियों ने स्वयं रूट लाइन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
RAF के जवान रहे पूरी तरह मुस्तैद
मंदिर परिसर और बाह्य अर्घा क्षेत्र में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों की विशेष तैनाती की गई। सुरक्षा बल श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन और जलार्पण कराने के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
VIP और आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूरी तरह रोक
श्रावणी मेला के दौरान सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर देने के उद्देश्य से प्रशासन ने वीआईपी दर्शन और आउट ऑफ टर्न दर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। पहले सोमवार को शीघ्र दर्शन (शीघ्रदर्शनम) की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई, ताकि सामान्य श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
AI तकनीक से हो रहा भीड़ और ट्रैफिक प्रबंधन
इस बार राजकीय श्रावणी मेला आधुनिक तकनीक से लैस है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम व्यवस्था के लिए प्रशासन ने कई AI आधारित सिस्टम लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- AI आधारित समेकित मेला नियंत्रण कक्ष
- AI कैमरा निगरानी प्रणाली
- फेस रिकॉग्निशन कैमरा
- AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
- AI ड्रोन मॉनिटरिंग
- हेड काउंटिंग सिस्टम
- हाई क्वालिटी ANPR कैमरा
- QR आधारित शिकायत प्रणाली
- लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम
- डिजिटल पवेलियन एवं हेल्पलाइन सुविधा
इन तकनीकों के जरिए भीड़, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित रूट का पालन करें, सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन और सूचना केंद्रों का उपयोग करें।
