धर्म संवाद / डेस्क : आगामी चारधाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने एक अहम घोषणा की है, जिसने धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा को तेज कर दिया है।
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पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर समेत समिति के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में गैर सनातन धर्म के लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
किन मंदिरों पर लागू होगा यह नियम?
हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल दो प्रमुख धामों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बदरी-केदार मंदिर समिति के अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों पर लागू होगा।
इसमें मुख्य रूप से:
- बदरीनाथ धाम
- केदारनाथ धाम
- अन्य संबद्ध मंदिर
शामिल हैं।
क्या है फैसले के पीछे की वजह?
समिति अध्यक्ष के अनुसार, यह निर्णय धार्मिक परंपराओं और आस्था की मर्यादा को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल पर्यटन नहीं, बल्कि गहरी धार्मिक आस्था और सनातन परंपरा का प्रतीक है। इसलिए मंदिरों की पवित्रता और धार्मिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है।
चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर
चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। उत्तराखंड सरकार और मंदिर समिति द्वारा:
- यात्री सुविधाओं का विस्तार
- सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना
- ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था
जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं।
विवाद और प्रतिक्रिया की संभावना
इस फैसले के बाद सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। कुछ लोग इसे धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे भेदभावपूर्ण निर्णय मान सकते हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है।
