धर्म संवाद / डेस्क : दिवाली और छठ महापर्व से पहले बाजारों में खरीदारी की रौनक बढ़ने लगी है। त्योहारों के इस मौसम में लोग सोना-चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और घर के लिए नई वस्तुएं खरीदने की तैयारी करते हैं। खासकर धनतेरस के दिन खरीदारी को लेकर लोगों में काफी उत्साह रहता है। हालांकि, इस दिन बाजारों और शोरूम में भारी भीड़ होने के कारण ग्राहकों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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अगर आप भी धनतेरस पर नई कार, बाइक, सोना-चांदी या कोई महंगी वस्तु खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इससे पहले आने वाले शुभ अवसरों पर खरीदारी करने पर विचार कर सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा और रवि पुष्य नक्षत्र को खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार, इन अवसरों को सुख-समृद्धि और शुभ कार्यों से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में पहले से खरीदारी करने पर त्योहार के दिन होने वाली भीड़, ट्रैफिक जाम और डिलीवरी की जल्दबाजी से भी बचा जा सकता है।
धनतेरस 2026 से पहले खरीदारी के कौन से हैं शुभ अवसर?
1. शरद पूर्णिमा पर कर सकते हैं खरीदारी
साल 2026 में शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 41 मिनट तक रहेगी।
हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने की परंपरा है। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में इस अवसर पर नई वस्तुओं की खरीदारी को भी शुभ माना जाता है।
अगर आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो शोरूम से पहले ही संपर्क करके पसंदीदा मॉडल, रंग, कीमत और डिलीवरी की उपलब्धता की जानकारी ले सकते हैं। हालांकि, वाहन या अन्य महंगी वस्तु खरीदने से पहले स्थानीय पंचांग में बताए गए मुहूर्त की पुष्टि कर लेना बेहतर होगा।
2. रवि पुष्य नक्षत्र पर खरीदारी का अवसर
रवि पुष्य योग तब बनता है, जब रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है। वैदिक ज्योतिष में इस योग को सोना-चांदी, वाहन और अन्य स्थायी वस्तुओं की खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है।
वर्ष 2026 में रवि पुष्य योग 1 नवंबर, रविवार को रहेगा। उपलब्ध पंचांग गणनाओं के अनुसार, पुष्य नक्षत्र इस दिन सुबह शुरू होकर 2 नवंबर की सुबह तक रहेगा। सटीक समय स्थान और पंचांग की गणना के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।
इस अवसर पर आप वाहन, आभूषण या घर के लिए जरूरी सामान खरीदने की योजना बना सकते हैं। अगर खरीदारी का उद्देश्य नई कार या बाइक लेना है, तो बुकिंग और डिलीवरी का समय पहले तय कर लेना सुविधाजनक रहेगा।
धनतेरस से पहले नई गाड़ी खरीदने के क्या हैं फायदे?
धनतेरस और दिवाली के आसपास वाहन खरीदने वालों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में पहले खरीदारी करने से कुछ व्यावहारिक फायदे मिल सकते हैं।
1. शोरूम की भीड़ से मिलेगी राहत
धनतेरस के दिन कई ग्राहक नई गाड़ी की बुकिंग और डिलीवरी लेने पहुंचते हैं। भीड़ के कारण वाहन देखने, टेस्ट ड्राइव लेने और कागजी प्रक्रिया पूरी करने में समय लग सकता है। पहले खरीदारी करने पर ग्राहक को अपनी जरूरत के अनुसार गाड़ी चुनने और डीलर से बातचीत करने के लिए अधिक समय मिल सकता है।
2. गाड़ी की जांच करने का मिलेगा समय
नई गाड़ी की डिलीवरी लेते समय उसकी अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। अगर आप पहले डिलीवरी लेते हैं, तो वाहन के बाहरी हिस्से, टायर, लाइट, इंजन, डिजिटल कंसोल और अन्य फीचर्स को ध्यान से देख सकते हैं। कार खरीदते समय इंफोटेनमेंट सिस्टम, कैमरा, सेंसर और अन्य सुविधाओं को भी जांचना उपयोगी रहता है। बाइक खरीदने वालों को ब्रेक, लाइट, टायर और दूसरे जरूरी हिस्सों की स्थिति देखनी चाहिए।
3. पसंदीदा रंग और मॉडल मिलने की संभावना
त्योहारी मौसम में वाहनों की मांग बढ़ने के कारण कुछ मॉडल, रंग और वैरिएंट का स्टॉक सीमित हो सकता है। ऐसे में समय रहते बुकिंग कराने से पसंदीदा गाड़ी मिलने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, यह पूरी तरह शोरूम के स्टॉक और कंपनी की डिलीवरी व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
4. रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस की प्रक्रिया के लिए समय
वाहन खरीदते समय रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। पहले डिलीवरी लेने से इन कामों के लिए अतिरिक्त समय मिल सकता है।
गाड़ी लेते समय इन बातों की जांच जरूर करें:
- इंश्योरेंस पॉलिसी और उसकी वैधता।
- रजिस्ट्रेशन की स्थिति और संबंधित दस्तावेज।
- हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) से जुड़ी जानकारी।
- वाहन की वारंटी और सर्विस शेड्यूल।
- फास्टैग की उपलब्धता और सक्रियता, जहां लागू हो।
इन प्रक्रियाओं में लगने वाला समय डीलर, वाहन और संबंधित विभाग पर निर्भर करता है।
5. धनतेरस पर घर में कर सकते हैं वाहन की पूजा
कई परिवारों में धनतेरस के दिन नए वाहन की पूजा करने की परंपरा है। यदि वाहन पहले घर आ जाता है, तो परिवार अपनी सुविधा के अनुसार त्योहार के दिन घर पर ही पूजा कर सकता है। इससे शोरूम जाने और भीड़ में समय बिताने की जरूरत कम हो सकती है।
सोना-चांदी और अन्य सामान खरीदने वालों के लिए भी अवसर
शरद पूर्णिमा और रवि पुष्य योग को लेकर केवल वाहन खरीदने वालों में ही नहीं, बल्कि सोना-चांदी और अन्य वस्तुएं खरीदने वालों में भी रुचि रहती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रवि पुष्य योग को शुभ खरीदारी से जोड़ा जाता है। हालांकि, सोना-चांदी खरीदते समय केवल शुभ तिथि ही नहीं, बल्कि बाजार भाव, शुद्धता, हॉलमार्क और बिल की जांच करना भी जरूरी है। इलेक्ट्रॉनिक्स या अन्य महंगी वस्तुएं खरीदते समय वारंटी, रिटर्न पॉलिसी और कीमतों की तुलना जरूर करें।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
शुभ अवसर पर खरीदारी की योजना बनाते समय अपनी जरूरत और बजट को प्राथमिकता दें। वाहन खरीदने से पहले कुल कीमत, डाउन पेमेंट, ईएमआई, इंश्योरेंस और अन्य शुल्कों की जानकारी स्पष्ट कर लें। केवल त्योहार या मुहूर्त के कारण अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च करने से बचें।






