Ram Mandir Donation: 500 करोड़ का चढ़ावा, 15 करोड़ श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

By Tami

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Ram Mandir Donation

धर्म संवाद / डेस्क : भगवान रामलला के भव्य मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से अब तक 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इस दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को 500 करोड़ रुपये से अधिक का दान और चढ़ावा प्राप्त हुआ है।

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यदि कुल दान राशि और दर्शनार्थियों की संख्या का औसत निकाला जाए तो प्रत्येक श्रद्धालु ने औसतन 33 रुपये से अधिक का योगदान दिया है। ट्रस्ट का दावा है कि प्राप्त होने वाले हर रुपये का हिसाब पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ रखा जाता है।

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प्रतिदिन 8 से 10 लाख रुपये तक पहुंच रहा दान

ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में राम मंदिर में प्रतिदिन औसतन 8 से 10 लाख रुपये का दान प्राप्त हो रहा है। यह राशि मुख्य रूप से मंदिर परिसर में स्थापित दानपात्रों और विशेष काउंटरों के माध्यम से आती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में छह बड़े दानपात्र लगाए गए हैं। इसके अलावा अन्य मंदिरों में भी करीब एक दर्जन दानपात्र स्थापित किए गए हैं। वहीं चार विशेष काउंटर बनाए गए हैं, जहां भक्त नकद दान जमा कर तुरंत कंप्यूटरीकृत रसीद प्राप्त कर सकते हैं।

सीसीटीवी निगरानी में होती है पूरी प्रक्रिया

दान की पूरी व्यवस्था आधुनिक सुरक्षा प्रणाली से लैस है। श्रद्धालु सीधे दानपात्रों में राशि डाल सकते हैं या काउंटरों पर रसीद के साथ दान जमा कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में संचालित होती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है। दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना के लिए ट्रस्ट ने एक विशेष एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी है। दो शिफ्टों में कार्यरत आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी नकदी की गिनती करते हैं। इस प्रक्रिया में भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी और ट्रस्ट द्वारा नामित अधिकारी भी सहयोग करते हैं।

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रुपये गिनने का स्थान आधुनिक सीसीटीवी और वॉइस रिकॉर्डिंग सिस्टम से लैस है। बैंक निर्धारित सीमा के अनुसार प्रतिदिन राशि को ट्रस्ट के खाते में जमा करता है। यदि किसी दिन पूरी राशि जमा नहीं हो पाती है तो शेष रकम को सीलबंद बैग में सुरक्षित कक्ष में रखा जाता है।

साल में दो बार होता है ऑडिट

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दान राशि का वर्ष में दो बार ऑडिट कराता है। ऑनलाइन ट्रांसफर, यूपीआई, चेक, काउंटर और दानपात्रों से प्राप्त हर राशि का विस्तृत लेखा-जोखा तैयार किया जाता है। इस कार्य के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट नियुक्त किए गए हैं। ऑडिट प्रक्रिया में बैंककर्मी और ट्रस्ट के अधिकारी भी शामिल रहते हैं। आय-व्यय का पूरा विवरण ट्रस्ट की बैठकों में प्रस्तुत किया जाता है, जहां प्रत्येक रुपये का हिसाब दर्ज किया जाता है।

150 करोड़ दानपात्र से, 350 करोड़ ऑनलाइन और काउंटरों से

ट्रस्ट के अनुसार प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से प्राप्त 500 करोड़ रुपये से अधिक के दान में लगभग 150 करोड़ रुपये दानपात्रों के माध्यम से मिले हैं, जबकि करीब 350 करोड़ रुपये ऑनलाइन भुगतान, यूपीआई, चेक और काउंटरों के जरिए प्राप्त हुए हैं। ट्रस्ट का कहना है कि इस धनराशि का उपयोग मंदिर के रखरखाव, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक सेवाओं और भविष्य की विकास योजनाओं में किया जाएगा।

22 जनवरी 2024 को हुई थी प्राण-प्रतिष्ठा

गौरतलब है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी 2024 को आयोजित किया गया था। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे थे। अभिजीत मुहूर्त में गर्भगृह में रामलला के बाल स्वरूप की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .