रामलला के लिए आया चांदी का झाड़ू, उसी से की जाएगी राम मंदिर के गर्भगृह की सफाई

By Admin

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धर्म संवाद / डेस्क : भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा हो चुकी है। श्रीराम को भेंट स्वरूप देश भर से कुछ ना कुछ सामग्री पहुंच रही है। ऐसे में अब मध्य प्रदेश का बैतूल जिला भी इस कड़ी में जुड़ गया है। जी हा बैतूल से मातंग समाज द्वारा माँ शबरी के नाम की चांदी की झाड़ू भिजवाई गयी है। श्रीराम के गर्भगृह कि सफाई इसी झाड़ू से की जाएगी।

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आपको बता दे बैतूल के मातंग समाज की इस अनूठी भेंट को लेकर माना जा रहा है कि छींद के कांटों से बनी झाड़ू इस समाज के जीवन यापन का जरिया है, इसलिए उन्होंने चांदी की झाड़ू भगवान को भेंट करने का मन बनाया था। 1 हजार 751 ग्राम की इस झाड़ू पर लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये का खर्च आया है। इस झाड़ू को इंदौर में 11 दिन में बनाया गया। मांग समाज का दावा है कि यह विश्व की पहली चांदी की झाडू रहेगी जो श्रीराम दरबार में भेंट की जा रही है। उन्होंने श्री राम मंदिर ट्रस्ट से मांग की है कि इस झाड़ू को श्री राम लला के चरणों में गर्भगृह में रखा जाए और इसी झाड़ू से गर्भगृह की सफाई की जाये।

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साथ ही आपको ये भी बता देते हैं कि चांदी की झाडू तैयार होने के बाद इसकी महाकाल मंदिर उज्जैन में पूजा अर्चना की गई । 20 जनवरी को चांदी की झाडू की भव्य शोभायात्रा निकाली गयी थी जिसके बाद ये अयोध्या पहुँची। मातंग समाज के जिलाध्यक्ष सतीष जौंधलेकर के अनुसार भगवान श्रीराम का हमारी समाज से पुरातनकाल से करीब संबंध है। समाज के आराध्यदेव मातंग ऋषि जो ऋष्यमूक पर्वत पर निवास करते थे। और उनके आश्रम के पास सुग्रीव भी एक गुफा में निवास करते थे। जब भगवान श्रीराम सीता मां की खोज में निकले थे और मातंग ऋषि जहां रहते थे वहां शबरी के साथ गए थे। यहीं पर उन्हें सुग्रीव मिले थे। जिन्होंने माता सीता को खोजने में भगवान श्रीराम की मदद की थी।

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सतीष जौंधलेकर ने आगे कहा कि मातंग ऋषि ने छिंद के कांटे से उदरपोषण का जरिया दिया था। इसी जरिए से कंजर के कांटे से बनी झाडू के माध्यम से समाज अपने परिवार का पालन-पोषण करता आ रहा है। इसलिए चांदी की झाडू श्रीराम मंदिर अयोध्या भेजा गया है।


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