महाकुंभ मेले में पेशवाई एक बहुत ही महत्वपूर्ण और भव्य समारोह है।

यह एक जुलूस है जिसमें विभिन्न अखाड़ों के साधु शाही कुंभनगरी में प्रवेश करते हैं।

जिस वक्त महाकुंभ में अखाड़ों के साधु संत राजसी ठाठ बाट के साथ संगम क्षेत्र महाकुंभ में आगमन करते हैं, उसे पेशवाई कहा जाता है।

राजा महाराजों की तरह हाथी, घोड़ों और रथों पर साधु संतों की शाही सवारी निकलती है.

रास्ते में श्रद्धालु साधु संतों का स्वागत करते हैं.

इन साधु संतों के हाथ में अपने-अपने अखाड़ों की ध्वजा होती है. साधु संत ध्वजा हाथ में लिए अपनी सेना के साथ पूरे रीति-रिवाज से नगर में निकलते हैं.