ज्यादातर भक्त जगन्नाथ जी के दर्शन करते हैं... लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं उनके स्वरूप और रथयात्रा से जुड़े ये अद्भुत रहस्य।

रहस्य #1 – भगवान जगन्नाथ की पलकें नहीं हैं

भगवान जगन्नाथ की आंखों में पलकें नहीं होतीं। अर्थात उनकी दृष्टि कभी बंद नहीं होती। जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब भी भगवान अपने भक्तों पर निरंतर कृपा-दृष्टि बनाए रखते हैं।

रहस्य #2 – भगवान जगन्नाथ का स्वरूप जानबूझकर अपूर्ण रखा गया है

भगवान जगन्नाथ के न तो पूर्ण हाथ हैं और न ही पूर्ण पैर। फिर भी वे हर भक्त तक पहुंचते हैं। उनका स्वरूप यह संदेश देता है कि ईश्वर किसी भौतिक सीमा में बंधे नहीं हैं। वे कहीं से भी आपकी प्रार्थना स्वीकार कर सकते हैं

रहस्य #3 – भगवान जगन्नाथ स्वयं अपने भक्तों के पास आते हैं

अधिकांश लोग भगवान के दर्शन करने मंदिर जाते हैं। लेकिन साल में एक बार ऐसा होता है जब भगवान स्वयं अपने भक्तों से मिलने निकलते हैं। यही है रथयात्रा का वास्तविक संदेश।

रहस्य #4 – रथ की रस्सी खींचना भी महान पुण्य माना जाता है

प्राचीन ग्रंथों में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में सहभागी बनने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धा और भक्ति के साथ रथ की रस्सी खींचना अत्यंत शुभ और पुण्यदायक माना जाता है।

रहस्य #5 – 'जगन्नाथ' का अर्थ है 'जगत के स्वामी'

'जगन्नाथ' का अर्थ है संपूर्ण जगत के स्वामी। वे केवल किसी एक धर्म, जाति, भाषा या देश के भगवान नहीं हैं। वे सबके हैं, और हर व्यक्ति उनका है।