धर्म संवाद / डेस्क : उत्तर प्रदेश के तिगरी गंगा धाम में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले ऐतिहासिक गंगा मेले की तैयारियां तेज होने लगी हैं। गंगा तट पर धीरे-धीरे रौनक बढ़ रही है। मेले में दुकानें लगाने, कारोबार शुरू करने और परिवार के साथ ठहरने के लिए लोग अभी से पहुंचने लगे हैं। श्रद्धालुओं और दुकानदारों की बढ़ती गतिविधियों के बीच मेला स्थल पर चहल-पहल का माहौल बनने लगा है।
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इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा मेले में करीब 35 से 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान जताया गया है। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मेले की व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां भी तेज होने लगी हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं की वास्तविक संख्या मेले के दौरान ही स्पष्ट हो सकेगी।
तिगरी गंगा मेले में अभी से बढ़ने लगी रौनक
कार्तिक पूर्णिमा के नजदीक आते ही तिगरी गंगा धाम में गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मेले में कारोबार करने वाले दुकानदार अपने लिए उपयुक्त स्थान तलाश रहे हैं। वहीं, कई लोग परिवार और रिश्तेदारों के साथ ठहरने की व्यवस्था करने के लिए मेला स्थल पर पहुंच रहे हैं।
गंगा किनारे धीरे-धीरे अस्थायी बस्तियां बसने लगी हैं। मेले में आने वाले लोगों के लिए जगह चुनने से लेकर दुकान लगाने और जरूरी सामान जुटाने तक की तैयारियां की जा रही हैं। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ मेले की रौनक और बढ़ने की उम्मीद है।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व
तिगरी गंगा मेला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान की धार्मिक मान्यता के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा आसपास के क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों से भी लोग गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आते हैं।
कई श्रद्धालु परिवार और रिश्तेदारों के साथ निर्धारित स्नान तिथि से कुछ दिन पहले ही मेला स्थल पर पहुंचना शुरू कर देते हैं। इसी वजह से गंगा तट पर अस्थायी शिविर और बस्तियां बसने लगती हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ मेले का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी है, जहां लोगों को एक साथ त्योहार मनाने का अवसर मिलता है।
तिगरी गंगा मेले में दुकानदारों ने शुरू की तैयारी
तिगरी गंगा मेले में हर साल बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें लगाई जाती हैं। इनमें खानपान, चाय-नाश्ता, खिलौने, घरेलू सामान, प्रसाद और दैनिक जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की दुकानें शामिल होती हैं।
मेले में कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर होता है। इसी कारण कई दुकानदार पहले से ही ऐसी जगह तलाश रहे हैं, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक हो और कारोबार करने में सुविधा मिले।
दुकानदार अपनी दुकानों के लिए स्थान तय करने के साथ सामान जुटाने और दुकान लगाने की तैयारियों में भी जुटे हैं। मेले में भीड़ बढ़ने के साथ अस्थायी बाजार का विस्तार होने की संभावना है।
35 से 40 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
इस बार तिगरी गंगा मेले में करीब 35 से 40 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए मेले की व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नान घाटों, आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसे इंतजामों पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। हालांकि, इन व्यवस्थाओं की विस्तृत स्थिति की पुष्टि संबंधित प्रशासन की आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी चहल-पहल
फिलहाल तिगरी गंगा धाम में मेले की तैयारियां शुरुआती दौर से आगे बढ़ रही हैं। दुकानदारों के पहुंचने, जगह तलाशने और अस्थायी ठिकाने तैयार करने के साथ गंगा तट पर गतिविधियां तेज हो रही हैं।
कार्तिक पूर्णिमा नजदीक आने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। धार्मिक आस्था, गंगा स्नान और अस्थायी बाजारों के कारण तिगरी गंगा मेला एक बार फिर बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करने वाला है।
