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शुक्र गोचर 2026: 5 नवंबर को कन्या राशि में जाएंगे शुक्र,जानें सभी 12 राशियों पर प्रभाव

By Tami

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Shukra Gochar 2026, Venus Transit 2026

धर्म संवाद / डेस्क : वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, समृद्धि, प्रेम, वैवाहिक जीवन, सौंदर्य, धन और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। शुक्र की चाल में होने वाला बदलाव व्यक्ति के जीवन के इन सभी पहलुओं को प्रभावित कर सकता है। नवंबर 2026 में शुक्र की स्थिति में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहा है। वृषभ और तुला राशि के स्वामी शुक्र इस समय वक्री अवस्था में हैं। वक्री रहते हुए 5 नवंबर को शुक्र तुला राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। हालांकि, कुछ पंचांगों में इस राशि परिवर्तन की तारीख 6 नवंबर बताई गई है।

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ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 14 नवंबर को शुक्र कन्या राशि में ही मार्गी हो जाएंगे। इसके बाद 23 नवंबर को दोबारा तुला राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों के प्रेम संबंधों, पारिवारिक जीवन, आर्थिक स्थिति, करियर और सुख-सुविधाओं पर देखने को मिल सकता है।

आइए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानते हैं कि नवंबर में शुक्र का राशि परिवर्तन मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है और इस दौरान किन उपायों से शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं।

शुक्र ग्रह का ज्योतिष में क्या है महत्व?

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को नवग्रहों में सबसे चमकदार ग्रह माना जाता है। इन्हें दैत्यों के गुरु शुक्राचार्य के नाम से भी जाना जाता है। कुंडली में शुक्र की शुभ स्थिति व्यक्ति को प्रेम, आकर्षण, कला, संगीत, विलासिता, धन और वैवाहिक सुख प्रदान करने वाली मानी जाती है।

वहीं, शुक्र की कमजोर या अशुभ स्थिति से प्रेम संबंधों में परेशानी, वैवाहिक जीवन में तनाव और भौतिक सुख-सुविधाओं में कमी आने की मान्यता है। इसलिए शुक्र के राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव को ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

मेष राशि (Aries)

मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर मिला-जुला परिणाम देने वाला हो सकता है। 5 नवंबर को वक्री शुक्र आपके छठे भाव यानी कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखने में थोड़ी परेशानी हो सकती है। स्वास्थ्य के मामले में भी लापरवाही न करें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद परिस्थितियों में सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं, 23 नवंबर को शुक्र के सातवें भाव यानी तुला राशि में लौटने से वैवाहिक जीवन में मधुरता और रिश्तों में मजबूती आने के संकेत हैं।

शुक्र के उपाय: हर शुक्रवार कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं और ‘ॐ शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप करें।

वृषभ राशि (Taurus)

वृषभ राशि के स्वामी स्वयं शुक्र हैं। ऐसे में शुक्र का राशि परिवर्तन आपके लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रेम संबंधों में पुरानी गलतफहमियों को दूर करने का प्रयास करें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें सफेद फूल अर्पित करें।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि के जातकों के चौथे भाव में शुक्र की वक्री स्थिति पारिवारिक जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव ला सकती है। घर के माहौल को शांत बनाए रखने का प्रयास करें। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। वाहन और संपत्ति से जुड़े मामलों में कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें।

14 नवंबर के बाद परिस्थितियों में सुधार हो सकता है। वहीं, 23 नवंबर को शुक्र के पांचवें भाव में प्रवेश करने से प्रेम, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में शुभ परिणाम मिलने की संभावना है।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को जरूरतमंद लोगों को चावल का दान करें।

कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि के जातकों के तीसरे भाव में वक्री शुक्र का गोचर भाई-बहनों और मित्रों के साथ संबंधों को प्रभावित कर सकता है। बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। छोटी-छोटी बातों को विवाद का कारण न बनने दें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। रुके हुए कामों को गति मिलने के संकेत हैं। 23 नवंबर के बाद शुक्र के चौथे भाव में आने से पारिवारिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को दही का दान करें और किसी नए काम की शुरुआत से पहले छोटी कन्याओं का आशीर्वाद लें।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि के जातकों के दूसरे भाव में शुक्र की वक्री चाल आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत दे रही है। 5 से 14 नवंबर के बीच अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत में मधुरता बनाए रखें। अपनी वाणी के कारण किसी विवाद में न पड़ें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद धन संचय के नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं, 23 नवंबर के बाद साहस और पराक्रम में वृद्धि के योग बनेंगे।

शुक्र के उपाय: प्रत्येक शुक्रवार गाय को हरी घास और ज्वार खिलाएं।

कन्या राशि (Virgo)

कन्या राशि में शुक्र का प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए विशेष महत्व रखता है। शुक्र आपके पहले भाव यानी लग्न भाव में वक्री रहेंगे। इस दौरान अपने व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और व्यवहार पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। मन में असमंजस की स्थिति बन सकती है। इसलिए महत्वपूर्ण फैसले जल्दबाजी में न लें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद निर्णय लेने की क्षमता में सुधार हो सकता है। 23 नवंबर को शुक्र के दूसरे भाव में प्रवेश करने से आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को श्री सूक्त का पाठ करें और मां लक्ष्मी को इत्र अर्पित करें।

तुला राशि (Libra)

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं। ऐसे में शुक्र की वक्री चाल आपके लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान शुक्र आपके बारहवें भाव में रहेंगे, जिससे अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। विदेश यात्रा या दूर स्थान से जुड़े कामों में देरी संभव है। 14 नवंबर तक अपने बजट और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें।

23 नवंबर को शुक्र के दोबारा आपकी राशि यानी तुला के पहले भाव में प्रवेश करने से आत्मविश्वास, आकर्षण और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। सुख-सुविधाओं में भी बढ़ोतरी के संकेत हैं।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को मंदिर में कपूर और मिश्री का दान करें।

वृश्चिक राशि (Scorpio)

वृश्चिक राशि के जातकों के ग्यारहवें भाव में वक्री शुक्र का गोचर आर्थिक लाभ में देरी का संकेत दे सकता है। इस दौरान दोस्तों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं। अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए धैर्य बनाए रखें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। 23 नवंबर के बाद बारहवें भाव में शुक्र के आने से सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्त्र दान करें।

धनु राशि (Sagittarius)

धनु राशि के जातकों के दसवें भाव में शुक्र की वक्री स्थिति करियर और कार्यक्षेत्र को प्रभावित कर सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। सहकर्मियों के साथ संबंधों में धैर्य बनाए रखें और काम में लापरवाही से बचें।

14 नवंबर के बाद करियर में स्थिरता आने और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। 23 नवंबर को शुक्र के ग्यारहवें भाव में प्रवेश करने से आर्थिक लाभ और आय के नए अवसर मिल सकते हैं।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को लक्ष्मी-नारायण मंदिर में खीर का भोग लगाएं।

मकर राशि (Capricorn)

मकर राशि के जातकों के नौवें भाव में वक्री शुक्र का गोचर भाग्य से जुड़े मामलों में कुछ देरी ला सकता है। इस दौरान धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। लंबी दूरी की यात्रा करते समय सावधानी बरतें। शिक्षा और करियर से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में आ सकती हैं। 23 नवंबर को शुक्र के दसवें भाव में प्रवेश करने से कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलने की संभावना है।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को किसी मंदिर में दूध से बनी मिठाई का प्रसाद बांटें।

कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि के जातकों के आठवें भाव में शुक्र की वक्री स्थिति स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में सतर्क रहने का संकेत दे रही है। अचानक कुछ खर्च सामने आ सकते हैं। ससुराल पक्ष के लोगों के साथ संबंधों में मधुरता बनाए रखें। किसी को धन उधार देने या आर्थिक लेन-देन करने से पहले अच्छी तरह विचार करें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद परिस्थितियों में सुधार हो सकता है। वहीं, 23 नवंबर को शुक्र के नौवें भाव में प्रवेश करने से भाग्य का सहयोग मिलने और धार्मिक यात्राओं के योग बन सकते हैं।

शुक्र के उपाय: दुर्गा चालीसा का पाठ करें और शुक्रवार को चींटियों को आटा-चीनी डालें।

मीन राशि (Pisces)

मीन राशि के जातकों के सातवें भाव में शुक्र की वक्री स्थिति वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी को प्रभावित कर सकती है। जीवनसाथी के साथ बातचीत करते समय संयम रखें। 5 से 14 नवंबर के बीच कोई नया व्यावसायिक समझौता करने में जल्दबाजी न करें।

14 नवंबर को शुक्र के मार्गी होने के बाद वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ सकता है और व्यापारिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। 23 नवंबर को शुक्र के आठवें भाव में प्रवेश करने से गुप्त धन और शोध से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है।

शुक्र के उपाय: शुक्रवार को किसी दृष्टिहीन व्यक्ति को भोजन कराएं।

नवंबर 2026 में शुक्र का गोचर: इन तारीखों पर रखें नजर

  • 5 नवंबर 2026: वक्री शुक्र का तुला से कन्या राशि में प्रवेश। कुछ पंचांगों में 6 नवंबर की तारीख दी गई है।
  • 14 नवंबर 2026: कन्या राशि में शुक्र का मार्गी होना।
  • 23 नवंबर 2026: शुक्र का पुनः तुला राशि में प्रवेश।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .

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