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शनिवार को करें ये 5 उपाय और मंत्र जाप, शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलेगी राहत

By Tami

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Saturday Remedies for Shani Dev

धर्म संवाद / डेस्क : हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता भगवान शनि को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जब शनि देव प्रसन्न होते हैं तो जीवन में सफलता, अनुशासन, धैर्य और आर्थिक स्थिरता मिलती है, लेकिन उनकी अशुभ दृष्टि आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ा सकती है।

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ऐसे में शनिवार के दिन कुछ विशेष उपाय और मंत्रों का जाप करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं शनिवार को कौन-से उपाय और मंत्र करना शुभ माना जाता है।

शनिवार को करें ये आसान उपाय

1. दान करें ये चीजें

शनिवार के दिन काला तिल, उड़द दाल, गुड़ और सरसों के तेल का दान करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

2. पीपल के पेड़ की पूजा करें

शनिवार को पीपल के वृक्ष की जड़ में जल अर्पित करें और सात बार परिक्रमा करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इससे शनि दोष शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

3. हनुमान जी की पूजा करें

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भगवान हनुमान की भक्ति करने वालों पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है। शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है।

4. इन बातों से करें परहेज

  • झूठ बोलने से बचें।
  • क्रोध और विवाद से दूर रहें।
  • किसी का अपमान न करें।
  • जरूरतमंदों की मदद करें और दयाभाव रखें।

शनि दोष दूर करने के प्रभावी मंत्र

1. शनि मंत्र

ॐ शं शनैश्चराय नमः

इस मंत्र का शनिवार को 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और साढ़ेसाती के कष्ट कम होते हैं।

2. शनि बीज मंत्र

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

यह शनि देव का अत्यंत शक्तिशाली बीज मंत्र माना जाता है। शनिवार को 108 या 1008 बार इसका जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मानसिक मजबूती मिलती है।

3. शनि गायत्री मंत्र

ॐ सूर्यात्मजाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नः सौरिः प्रचोदयात्॥

इस मंत्र के जाप से बुद्धि का विकास होता है और शनि से जुड़े दोषों में कमी आने की मान्यता है।

4. शनि प्रणाम मंत्र

ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छाया मार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥

इस मंत्र का नियमित जाप करने से शनि देव की कृपा बनी रहती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

5. शनि वैदिक मंत्र

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः॥

धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र का जाप करने से स्वास्थ्य, धन और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

शनि देव की कृपा पाने के लाभ

  • साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी।
  • आर्थिक स्थिति में सुधार।
  • मानसिक तनाव और भय से राहत।
  • स्वास्थ्य और आत्मविश्वास में वृद्धि।
  • जीवन में अनुशासन, धैर्य और सफलता प्राप्त होती है।

Disclaimer

यह लेख धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित है। हम इसमें दी गई जानकारी की पूर्ण सत्यता का दावा नहीं करते हैं। किसी भी उपाय या मंत्र का पालन करने से पहले संबंधित क्षेत्र के योग्य विशेषज्ञ या ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लें।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .

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