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Sawan 2026: सावन में क्यों करें वृंदावन-गोवर्धन यात्रा? जानिए बांके बिहारी, गोपेश्वर महादेव और परिक्रमा का महत्व

By Tami

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Sawan Vrindavan Govardhan Yatra

धर्म संवाद / डेस्क : सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर से श्रद्धालुओं का रुख भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन और गोवर्धन धाम की ओर हो जाता है। दिल्ली, फरीदाबाद और पूरे एनसीआर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों भक्त रोजाना बांके बिहारी मंदिर में दर्शन, गोवर्धन परिक्रमा और भगवान शिव के आशीर्वाद के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में वृंदावन और गोवर्धन की यात्रा करने से भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव दोनों की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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सावन में बढ़ जाता है वृंदावन धाम का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वृंदावन केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सावन के महीने में यहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है। मंदिरों में भजन-कीर्तन, हरियाली और रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।

बांके बिहारी के साथ गोपेश्वर महादेव के दर्शन क्यों हैं खास?

मान्यता है कि भगवान शिव ने श्रीकृष्ण की रासलीला के दर्शन करने के लिए गोपेश्वर महादेव का स्वरूप धारण किया था। इसलिए सावन में वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को बांके बिहारी मंदिर के साथ गोपेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन भी अवश्य करने चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान शिव व श्रीकृष्ण दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

झूला उत्सव का भक्तों में विशेष आकर्षण

सावन के पूरे महीने वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में राधा-कृष्ण झूला उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। ठाकुर जी को आकर्षक झूलों में विराजमान किया जाता है और भक्त बड़ी श्रद्धा से उनके दर्शन करते हैं। यह उत्सव सावन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान माना जाता है।

सावन में गोवर्धन परिक्रमा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में गोवर्धन परिक्रमा और 84 कोस परिक्रमा का विशेष फल मिलता है। मान्यता है कि इस महीने 33 करोड़ देवी-देवता वृंदावन धाम में निवास करते हैं। वहीं, निधिवन की तुलसी को गोपियों का स्वरूप और वहां के वृक्षों को ऋषि-मुनियों का रूप माना जाता है। यही कारण है कि सावन में गोवर्धन परिक्रमा और वृंदावन यात्रा को अत्यंत शुभ माना जाता है।

सावन में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के दौरान वृंदावन और गोवर्धन में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन, पूजा-अर्चना और परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि इस पावन महीने में की गई यात्रा जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .

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