धर्म संवाद / जमशेदपुर : ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी इस वर्ष विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व लेकर आई है। निर्जला एकादशी इस बार 25 जून को मनाई जाएगी। एकादशी पर निर्जला व्रत रखने का विधान है।
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इस पावन अवसर पर दुर्लभलक्ष्मी-नारायण राजयोग का निर्माण हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। पुरोहित संतोष त्रिपाठी के अनुसार, इस योग के प्रभाव से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होगी तथा श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, समृद्धि और वैभव का संचार होगा।
निर्जला एकादशी को सभी एकादशी में श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों यानी साल भर के 24 एकादशियों के व्रत के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। लक्ष्मी-नारायण राजयोग के कारण इस बार व्रत और पूजा का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
नारायणी ट्रस्ट निकालेगी भव्य निशान यात्रा
नारायणी ट्रस्ट की ओर से विशाल निशान यात्रा निकाली जाएगी, जो विभिन्न रास्ते होते हुए बिष्टूपुर लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंचेगी। यहां लक्ष्मी नारायणा मंदिर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान होंगे। वहीं, शहर के अन्य मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। श्रद्धालु भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल की कामना करेंगे। इस शुभसंयोग में किए गए दान और सत्कर्म का कई गुना फल प्राप्त होता है।






