धर्म संवाद / डेस्क : राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बाबा श्याम के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में भक्त खाटूधाम पहुंचते हैं। अब श्रद्धालुओं को मंदिर के नए और भव्य स्वरूप का इंतजार है।
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खाटूश्यामजी में प्रस्तावित नए मंदिर को लेकर तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। मंदिर के लिए पत्थरों की नक्काशी और अन्य कलात्मक कार्य जारी हैं। मंदिर कमेटी की योजना के मुताबिक मुख्य निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की तैयारी है। निर्माण से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में मंदिर को नया भव्य स्वरूप देने का लक्ष्य रखा गया है।
कब शुरू होगा खाटूश्यामजी के नए मंदिर का निर्माण?
नए मंदिर की योजना और उससे जुड़ी तैयारियां पिछले कुछ वर्षों से चल रही हैं। प्रस्तावित मंदिर के लिए पत्थरों की नक्काशी का काम भी जारी है। निर्माण से जुड़े कार्य पूरे होने के बाद मुख्य मंदिर का निर्माण तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
मंदिर कमेटी की कोशिश है कि वर्तमान कार्यकाल के दौरान निर्माण कार्य शुरू हो और निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा किया जाए। योजना के अनुसार अगले कुछ वर्षों में मंदिर का नया स्वरूप श्रद्धालुओं के सामने आ सकता है। हालांकि निर्माण पूरा होने की अंतिम तारीख आधिकारिक रूप से तय होने तक इसे संभावित समयसीमा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
प्राचीन नागर शैली में बनेगा नया मंदिर
खाटूश्यामजी का प्रस्तावित नया मंदिर आधुनिक कंक्रीट संरचना के बजाय प्राचीन नागर स्थापत्य शैली से प्रेरित होकर तैयार किया जाएगा। मंदिर की वास्तुकला में पारंपरिक भारतीय मंदिर निर्माण शैली और आधुनिक तकनीक का संयोजन देखने को मिलेगा। प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार मंदिर का मुख्य शिखर करीब 133 फीट ऊंचा होगा। पूरे मंदिर परिसर में 93 कलात्मक स्तंभ बनाए जाने की योजना है। मंदिर में सफेद मार्बल के साथ उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेनाइट का इस्तेमाल भी किया जाएगा। इससे मंदिर को भव्यता के साथ मजबूती देने की योजना है।
वर्तमान मंदिर से बड़ा होगा नया मंदिर
प्रस्तावित नया मंदिर वर्तमान मंदिर की तुलना में करीब दोगुना बड़ा होने की योजना है। मंदिर परिसर को भी इस तरह विकसित किया जाएगा कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके।
गर्भगृह को पहले की तुलना में अधिक विस्तृत और भव्य बनाने की योजना है। प्रवेश मार्ग और श्रद्धालुओं के खड़े होने की जगह को भी ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य विशेष रूप से उन दिनों में भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना है, जब खाटूधाम में लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
बाबा श्याम की प्रतिमा में नहीं होगा बदलाव
भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए नए मंदिर में बाबा श्याम की वर्तमान प्रतिमा को यथावत रखने की योजना है। मंदिर के नए वास्तु डिजाइन के बावजूद प्रतिमा के मूल स्वरूप और स्थान में बदलाव नहीं किया जाएगा। गर्भगृह को बड़ा किए जाने से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की योजना है। मंदिर परिसर के विस्तार से भक्तों की आवाजाही और प्रवेश व्यवस्था को भी अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
मकराना के सफेद मार्बल से तैयार होगा मंदिर
नए मंदिर के निर्माण के लिए राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध पत्थरों की गुणवत्ता का परीक्षण किए जाने के बाद मकराना के सफेद मार्बल को चुने जाने की जानकारी दी गई है। मकराना का संगमरमर अपनी सफेदी और मजबूती के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थरों की गुणवत्ता जांच के बाद उन्हें नक्काशी के लिए भेजे जाने की व्यवस्था बताई गई है। विशेषज्ञों और इंजीनियरों की टीम पत्थरों के नमूनों की जांच के बाद ही निर्माण में उनके इस्तेमाल को मंजूरी देगी।
भूकंपरोधी तकनीक से मजबूत बनाया जाएगा मंदिर
नए मंदिर की डिजाइन में सुरक्षा और मजबूती पर भी विशेष ध्यान देने की योजना है। मंदिर को ऐसी संरचनात्मक तकनीक के साथ तैयार करने की बात कही गई है, जिससे भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान संरचना की सुरक्षा बेहतर रहे। पिलर, फर्श, शिखर और नींव के निर्माण में मजबूत सामग्री और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। मंदिर की नींव और निचले हिस्से में उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों के इस्तेमाल की योजना है। अंतिम भूकंपरोधी क्षमता हालांकि इंजीनियरिंग डिजाइन, संरचनात्मक गणना और निर्माण मानकों के अनुरूप वास्तविक निर्माण पर निर्भर करेगी।
दीवारों पर दिखेंगी राधा-कृष्ण और महाभारत की झांकियां
नए मंदिर को केवल विशाल संरचना ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी आकर्षक बनाने की योजना है। मंदिर की दीवारों पर राधा-कृष्ण और महाभारत से जुड़े प्रसंगों को कलात्मक रूप में उकेरने की योजना बताई गई है। मंदिर के स्तंभों और अन्य हिस्सों पर की जाने वाली नक्काशी इसकी पारंपरिक नागर शैली को और आकर्षक बनाएगी। इससे श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ भारतीय धार्मिक कथाओं और शिल्पकला की झलक भी देखने को मिलेगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हाईटेक इंतजाम
बढ़ती श्रद्धालु संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने की योजना है। इसके लिए हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक मेटल डिटेक्टर और बेहतर निगरानी व्यवस्था लगाए जाने की तैयारी है। मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास को व्यवस्थित करने के साथ भीड़ प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे विशेष पर्वों और मेलों के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
खाटूधाम को मिलेगी नई पहचान
बाबा श्याम में करोड़ों लोगों की आस्था है और खाटूधाम देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। ऐसे में नए मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद खाटूश्यामजी की वास्तुकला और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
133 फीट ऊंचा प्रस्तावित शिखर, 93 कलात्मक स्तंभ, मकराना का सफेद मार्बल, नागर शैली की वास्तुकला और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था इस नए मंदिर को विशेष बनाने वाली प्रमुख विशेषताएं होंगी।






