धर्म संवाद / डेस्क: गुप्त नवरात्रि आज से विधिवत प्रारंभ हो रही है। माघ मास में आने वाली यह नवरात्रि तंत्र, मंत्र और साधना का विशेष पर्व मानी जाती है। जहां चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक रूप से मनाई जाती हैं, वहीं गुप्त नवरात्रि साधकों और सिद्ध पुरुषों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए गोपनीय साधनाएं की जाती हैं।
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माघ गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व
माघ मास की गुप्त नवरात्रि को शक्ति उपासना का श्रेष्ठ समय माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस दौरान की गई साधना शीघ्र फल देती है। तांत्रिक साधक, योगी और भक्त इस समय मां शक्ति के उग्र और रहस्यमय स्वरूपों की आराधना करते हैं।
मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में देवी की उपासना करने से
- नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है
- रोग, भय और संकट दूर होते हैं
- साधक को सिद्धि और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है
गुप्त नवरात्रि में देवी के प्रमुख स्वरूप
माघ गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व होता है। इनमें प्रमुख रूप से:
- मां काली – शत्रुनाश और भय मुक्ति के लिए
- मां तारा – संकट निवारण के लिए
- मां त्रिपुरसुंदरी – सौंदर्य, ऐश्वर्य और मानसिक शांति हेतु
- मां भुवनेश्वरी – गृह सुख और समृद्धि के लिए
- मां छिन्नमस्ता – बाधा निवारण के लिए
- मां धूमावती – रोग और दुर्भाग्य से मुक्ति के लिए
साधक अपनी इच्छा और गुरु परंपरा के अनुसार किसी एक स्वरूप की उपासना करते हैं।
गुप्त नवरात्रि पूजा विधि (Gupt Navratri Puja Vidhi)
गुप्त नवरात्रि की पूजा अत्यंत सात्विक और गोपनीय मानी जाती है।
- पूजा विधि इस प्रकार है:
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ स्थान पर पूजा स्थल बनाएं
- मां दुर्गा या इच्छित देवी स्वरूप की प्रतिमा या यंत्र स्थापित करें
- दीप प्रज्वलित कर मंत्र जप करें
- लाल फूल, अक्षत, सिंदूर और फल अर्पित करें
- दुर्गा सप्तशती या बीज मंत्रों का जप करें
- पूर्ण ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करें
विशेष ध्यान रखें कि गुप्त नवरात्रि की साधना को प्रदर्शन से दूर रखा जाए।
गुप्त नवरात्रि में क्या करें, क्या न करें
करें:
✔ नियमित मंत्र जप
✔ सात्विक भोजन
✔ मौन और ध्यान
न करें:
✖ नकारात्मक विचार
✖ तामसिक भोजन
✖ वाद-विवाद और अहंकार
गुप्त नवरात्रि क्यों कहलाती है “गुप्त”?
इस नवरात्रि में की जाने वाली साधनाएं सार्वजनिक नहीं होतीं। साधक अपनी पूजा, मंत्र और सिद्धि को गोपनीय रखते हैं, इसलिए इसे गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।
निष्कर्ष
माघ गुप्त नवरात्रि शक्ति साधना का अत्यंत पावन अवसर है। इस दौरान श्रद्धा, संयम और विश्वास के साथ की गई पूजा जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति दिलाती है। यदि आप आत्मिक उन्नति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा चाहते हैं, तो गुप्त नवरात्रि की साधना अवश्य करें।
