धर्म संवाद / डेस्क : भगवान शिव को समर्पित पवित्र सावन माह की शुरुआत हो चुकी है। सावन में सोमवार के व्रत और शिव पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक, व्रत और पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस वर्ष सावन में चार सोमवार व्रत पड़ रहे हैं और पहले सावन सोमवार पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिन्हें पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए बेहद फलदायी माना जा रहा है।
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पहले सावन सोमवार पर बन रहे हैं 4 शुभ योग
वैदिक पंचांग के अनुसार, पहले सावन सोमवार पर एक साथ हंसराज योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सुकर्मा योग और धृति योग का शुभ संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन योगों में भगवान शिव की पूजा, जप, तप और दान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
हंसराज योग
हंसराज योग पंच महापुरुष योगों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्य व्यक्ति को ज्ञान, सम्मान, पद, प्रतिष्ठा और सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।
सर्वार्थ सिद्धि योग
सर्वार्थ सिद्धि योग को सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। इस योग में पूजा-पाठ, जप, दान और धार्मिक अनुष्ठान करने से कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है।
सुकर्मा योग
सुकर्मा योग शुभ और मंगलकारी योग माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं और सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है।
धृति योग
धृति योग भी शुभ योगों में शामिल है। इस दौरान नई शुरुआत, भूमि पूजन, गृह निर्माण, व्यापार शुरू करना या नई वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है।
पहले सावन सोमवार का शुभ मुहूर्त
भगवान शिव का जलाभिषेक पूरे दिन किया जा सकता है, लेकिन कुछ मुहूर्त विशेष रूप से शुभ माने गए हैं।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:19 बजे से 5:01 बजे तक
- अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 5:44 बजे से 7:24 बजे तक
- शुभ-उत्तम मुहूर्त: सुबह 9:05 बजे से 10:46 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
- चर मुहूर्त: दोपहर 2:08 बजे से 3:49 बजे तक
- लाभ-उन्नति मुहूर्त: दोपहर 3:49 बजे से शाम 5:30 बजे तक
- अमृत मुहूर्त: शाम 5:30 बजे से 7:11 बजे तक
पहले सावन सोमवार पर रहेगा चोर पंचक
धार्मिक पंचांग के अनुसार पहले सावन सोमवार को पूरे दिन चोर पंचक का प्रभाव रहेगा। वहीं उत्तर भाद्रपद नक्षत्र रात 10 बजे तक रहेगा, इसके बाद रेवती नक्षत्र प्रारंभ होगा। इसके बावजूद ऊपर बताए गए शुभ मुहूर्तों में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक करना शुभ माना गया है।
सावन सोमवार व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार का व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, सुख-समृद्धि बढ़ती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अविवाहित युवक-युवतियां मनचाहा जीवनसाथी पाने और शीघ्र विवाह की कामना से भी सावन सोमवार का व्रत रखते हैं।
नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। आस्था से जुड़े विषयों को व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर ही ग्रहण करें।






