शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक कराने वाले गागाभट्ट के वंशज कराएंगे रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा

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सोशल संवाद / डेस्क : अयोध्या में रामलला की प्राण पतिष्ठा की तयारी पुरे विधि विधान से की जा रही है। अब इसी को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। आपको बतादे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 121 कर्मकांडी और वेद-पुराणों के ज्ञाता ब्राह्मण द्वारा 22 जनवरी को संपन्न कराया जाएगा। और इनका नेतृत्व  करेंगे वो शख्स जिनके  पूर्वजों ने छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक करवाया था । जी हा काशी के पंडित लक्ष्मीकांत मथुरानाथ दीक्षित अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की जिम्मेदारी  संभाल रहे हैं जो की छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक करवाने वाले महापंडित गागाभट्ट के  11वीं पीढ़ी के हैं। 

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पं.लक्ष्मीकांत के सुपुत्र पं. जयकृष्ण दीक्षित ने बताया कि राज्याभिषेक के पश्चात जब पुन: छत्रपति शिवाजी काशी आए थे तो उनके साथ महापंडित गागाभट्ट भी आए थे। उनके परिवार की एक शाखा काशी में ही रह गई थी, वे लोग उसी वंश परंपरा से जुड़े हुए हैं। अब उनका परिवार रामघाट के समीप मंगला गौरी मंदिर के पास निवास करता है। आचार्य दीक्षित के साथ उनके दो सुपुत्र अरुण कुमार दीक्षित व सुनील कुमार दीक्षित भी अयोध्या उनके सहयोग के लिए जाएंगे।

बता दें कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत 18 जनवरी से हो जाएगी। विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की विधि का आरंभ गणेश, अंबिका पूजन, वरुण पूजन, मातृका पूजन, ब्राह्मण वरण, वास्तु पूजन से होगा। काशी के वैदिक पं. लक्ष्मीकांत दीक्षित के आचार्यत्व में वैदिक ब्राह्मणों की टोली 17 जनवरी को अयोध्या के लिए रवाना होगी।  18 जनवरी के मध्यान्ह से प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम प्रारंभ होगा और 22 जनवरी शाम तक ये संपन्न हो जाएगी। 

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