धर्म संवाद / डेस्क : हरियाणा के अंबाला से भगवान शिव से जुड़ी एक खास खबर सामने आई है। यहां करीब 150 साल पुराना पारद शिवलिंग लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच इस प्राचीन शिवलिंग को लेकर गहरी आस्था है और दूर-दूर से श्रद्धालु इसके दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
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150 साल पुराना बताया जाता है Shivling
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पारद Shivling करीब 150 साल पुराना है। इसे लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। श्रद्धालु इसे भगवान शिव का विशेष स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना करते हैं।
क्या होता है पारद Shivling?
धार्मिक मान्यताओं में पारद शिवलिंग को भगवान शिव का पवित्र स्वरूप माना जाता है। हिंदू धर्म में शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व है। कई श्रद्धालु मानते हैं कि पारद शिवलिंग की पूजा करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मकता आती है।
हालांकि, इससे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं आस्था पर आधारित हैं।
दर्शन के लिए पहुंचते हैं श्रद्धालु
इस प्राचीन शिवलिंग को देखने और पूजा करने के लिए स्थानीय लोगों के साथ दूसरे इलाकों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। खासतौर पर सावन और महाशिवरात्रि जैसे अवसरों पर शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है।
लोगों में बनी हुई है खास आस्था
करीब डेढ़ सदी पुराने इस शिवलिंग को लेकर स्थानीय लोगों में काफी श्रद्धा है। मंदिर से जुड़ी पुरानी मान्यताओं और इतिहास के कारण यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोगों की जिज्ञासा का भी केंद्र बना हुआ है।
अंबाला का यह 150 साल पुराना पारद शिवलिंग धार्मिक आस्था और स्थानीय इतिहास से जुड़ा खास केंद्र माना जाता है। प्राचीन शिवलिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना इस स्थान की धार्मिक लोकप्रियता को दिखाता है।
