धर्म संवाद / डेस्क : सनातन धर्म में दीपावली का पर्व सुख-समृद्धि, धन-वैभव और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाए जाने वाले इस त्योहार पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। यही वजह है कि इस दिन लोग घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीप जलाते हैं और विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं।
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मान्यता है कि दिवाली की रात कुछ विशेष धार्मिक उपाय करने से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इन्हीं पारंपरिक उपायों में जटा वाले नारियल से जुड़ा एक खास उपाय भी शामिल है। कहा जाता है कि दिवाली से एक दिन पहले इस उपाय की शुरुआत करके दीपावली की शाम इसे पूरा किया जाता है। आइए जानते हैं इस उपाय की पूरी विधि, नारियल को घर लाने का तरीका और तिजोरी की पूजा का धार्मिक महत्व।
दिवाली की रात मां लक्ष्मी की पूजा का क्या है महत्व?
हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव, ऐश्वर्य और समृद्धि की देवी माना जाता है। वहीं, भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभ कार्यों का देवता कहा जाता है। इसलिए दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की एक साथ पूजा करने की परंपरा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की अमावस्या की रात मां लक्ष्मी की आराधना करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस दिन भक्त अपने घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाकर मां लक्ष्मी का स्वागत करते हैं। साथ ही धन की तिजोरी और पूजा स्थल की विशेष सजावट भी करते हैं।
दिवाली से एक दिन पहले करें जटा वाले नारियल का यह उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए जटा वाले सूखे नारियल का विशेष उपाय किया जाता है। इस उपाय की शुरुआत दीपावली से एक दिन पहले करनी होती है।
इसके लिए एक जटा वाला सूखा नारियल लें और उसे किसी स्वच्छ एवं सुरक्षित स्थान पर रखें। बताई गई पारंपरिक विधि के अनुसार, नारियल को बहते जल या सरोवर में रखा जाता है। इस दौरान मन में मां लक्ष्मी का स्मरण करें और अगले दिन दीपावली की शाम नारियल को वापस लाने का संकल्प लें। मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करते समय मौन रहना चाहिए और पूरी श्रद्धा के साथ मां लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए।
दिवाली की शाम इस तरह घर लाएं नारियल
दीपावली की शाम सूर्यास्त के समय एक नया लाल सूती कपड़ा लेकर उस स्थान पर जाएं, जहां आपने नारियल रखा था। इसके बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का स्मरण करते हुए नारियल को लाल कपड़े में लपेट लें।
इस दौरान भगवान गणेश के मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
मंत्र:
ॐ श्री गणेशाय नमः।
इसके बाद नारियल को श्रद्धापूर्वक अपने घर लेकर आएं। घर पहुंचने के बाद पूजा स्थल पर दीप प्रज्वलित करें और लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा के पास नारियल स्थापित करें।
नारियल का करें पंचोपचार पूजन
नारियल को घर लाने के बाद विधि-विधान से पंचोपचार पूजा करने की परंपरा है। इसके लिए सबसे पहले मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का ध्यान करें। फिर नारियल को पूजा स्थल पर रखकर पांच प्रकार से पूजा करें।
पंचोपचार पूजा में इन चीजों को शामिल किया जाता है:
- गंध: भगवान को चंदन या कुमकुम अर्पित करें।
- पुष्प: मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को ताजे फूल चढ़ाएं।
- धूप: पूजा के दौरान धूप जलाकर वातावरण को सुगंधित करें।
- दीप: घी या तेल का दीपक जलाकर भगवान की आरती करें।
- नैवेद्य: भगवान को फल, मिठाई या अन्य सात्विक भोग अर्पित करें।
इसके बाद मां लक्ष्मी से परिवार की सुख-समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक की गई पूजा से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
दिवाली पर तिजोरी की पूजा करना न भूलें
दीपावली के दिन केवल मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा ही नहीं, बल्कि धन रखने के स्थान यानी तिजोरी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन तिजोरी या धन रखने वाले स्थान की साफ-सफाई करके उसकी पूजा करनी चाहिए।
पूजा के बाद जटा वाले नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने की परंपरा भी बताई जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में बरकत बनी रहती है और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
ध्यान रखें कि तिजोरी में नारियल रखने से पहले वहां की अच्छी तरह सफाई कर लें और पूजा के बाद ही उसे स्थापित करें।
दिवाली की शाम 108 बार करें इस पाठ का जाप
दीपावली की संध्याकालीन वेला में धार्मिक पाठ और मंत्र जाप का भी विशेष महत्व बताया गया है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गोपाल सहस्रनाम या संतान गोपाल सहस्रनाम का 108 बार पाठ करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इनमें से किसी एक पाठ का जाप कर सकते हैं। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और भगवान का ध्यान करें।
दिवाली पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- दीपावली से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें।
- शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं।
- लक्ष्मी-गणेश की पूजा पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से करें।
- पूजा के दौरान स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर में साफ-सफाई और सकारात्मक वातावरण बनाए रखें।
- पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें।






