धर्म संवाद / डेस्क : गणेश चतुर्थी (Vinayaka Chaturthi) भारत का सबसे लोकप्रिय त्योहार है। इस दिन घर-घर में विघ्नहर्ता गणेश जी की स्थापना होती है। शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार, गणपति की मूर्ति घर लाने से पहले कुछ खास नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। इन नियमों से पूजा सफल मानी जाती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
यह भी पढ़े : श्री गणेश आरती लिरिक्स | Shree Ganesh Aarti Lyrics
दाहिनी और बायीं सूंड वाले गणेश जी
- दाहिनी सूंड (Dakshinabhimukhi Ganesha):
इनकी पूजा कठिन मानी जाती है। इसके लिए विशेष अनुष्ठान, रेशमी वस्त्र और व्रत की आवश्यकता होती है। आमतौर पर मंदिरों और साधकों द्वारा इनकी पूजा की जाती है। - बायीं सूंड (Vakratunda Ganesha):
यह गृहस्थ जीवन के लिए अधिक शुभ मानी जाती है। साधारण विधि से माला, फूल और प्रसाद अर्पित करके भी पूजा सफल होती है।
गणेश जी की मुद्रा कैसी होनी चाहिए?
- शास्त्रों के अनुसार बैठी हुई मुद्रा वाली गणेश मूर्ति घर में स्थापित करनी चाहिए।
- खड़े गणेश जी को चलायमान माना जाता है, जो परिवार के स्थायित्व के लिए उपयुक्त नहीं है।
गणेश मूर्ति में यह चीजें जरूर होनी चाहिए
- मूर्ति मिट्टी की होनी चाहिए, क्योंकि मिट्टी पर्यावरण के अनुकूल और शुद्ध मानी जाती है।
- गणेश जी के साथ उनका वाहन मूषक (चूहा) अवश्य होना चाहिए।
- मूर्ति का रंग लाल, सिंदूरी, पीला या सफेद हो, ये रंग शुभ और सौभाग्यशाली माने जाते हैं।
- मूर्ति के साथ ऋद्धि-सिद्धि का होना अति शुभ है।
- घर में रखने के लिए छोटी और आकर्षक मूर्ति चुनें, जिसे नियमित रूप से पूजा जा सके।
वास्तु शास्त्र और मूर्ति की दिशा
- गणेश जी की मूर्ति हमेशा पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करनी चाहिए।
- पूजा घर या हॉल के पवित्र स्थान में स्थापना करना श्रेष्ठ है।
- मूर्ति को शौचालय या सीढ़ियों के नीचे रखने से बचें।
स्रोत / फैक्ट-चेक
- “गृहस्थ जीवन में बायीं सूंड वाले गणेश जी की पूजा शुभ मानी जाती है।” – (संदर्भ: गृह वास्तु शास्त्र, चौखम्बा प्रकाशन)
- “मिट्टी की मूर्ति को ही श्रेष्ठ माना गया है।” – (संदर्भ: पर्यावरण मंत्रालय, भारत सरकार – Eco-friendly Ganesh idols campaign 2023)
FAQs – गणेश मूर्ति से जुड़े सवाल
- Q1. क्या घर में दाहिनी सूंड वाले गणेश जी रख सकते हैं?
जी हां, लेकिन उनकी पूजा कठिन मानी जाती है और नियम कड़े होते हैं। साधारण गृहस्थ के लिए बायीं सूंड वाले गणेश जी उत्तम हैं। - Q2. गणेश जी की मूर्ति कितने दिन तक रखनी चाहिए?
परंपरागत रूप से 1.5, 3, 5, 7 या 10 दिनों तक रखकर विसर्जन किया जाता है। - Q3. क्या हमेशा मिट्टी की मूर्ति ही खरीदनी चाहिए?
जी हां, शास्त्र और पर्यावरण दोनों की दृष्टि से मिट्टी की मूर्ति सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। - Q4. गणेश जी की मूर्ति की दिशा कौन-सी होनी चाहिए?
मूर्ति को उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखना सबसे शुभ माना गया है।
गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की मूर्ति खरीदते समय सूंड की दिशा, मुद्रा, रंग और वाहन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस गणेश चतुर्थी पर आप भी मिट्टी की, बायीं सूंड वाली बैठे हुए गणेश जी की मूर्ति घर लाकर विधिवत पूजा करें और परिवार के लिए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद पाएं।






