विवाह में देरी हो रही है तो आज ही पहुंचे इन मंदिरों में

तिरुमनंचेरी मंदिर, तमिलनाडु

 धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान शिव इसी स्थान पर माता पार्वती से विवाह करने आए थे।

तिरुविदंदई, तमिलनाडु

मान्यता है कि ऋषि कालव की प्रार्थना से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु वराह रूप में प्रकट हुए और उनकी 360 पुत्रियों से प्रतिदिन एक-एक करके विवाह किया। अंतिम दिन सभी कन्याएं एक स्वरूप में समाहित होकर कोमलवल्ली थायर के रूप में प्रतिष्ठित हुईं।

कात्यायनी मंदिर, वृंदावन

 श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित परंपरा के अनुसार व्रज की गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने की इच्छा से देवी कात्यायनी की पूजा और व्रत किया था।

मंगलागौरी मंदिर, गया, बिहार

मान्यता है कि विवाहित महिलाएं अपने परिवार की सुख-शांति, पति की मंगलकामना और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए देवी की पूजा करती हैं।

श्रीकालहस्ती, आंध्र प्रदेश

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भक्त जीवन में आने वाली विभिन्न बाधाओं से मुक्ति की कामना लेकर यहां पूजा-अर्चना करते हैं। इनमें विवाह में देरी जैसी परेशानियों से राहत की कामना भी शामिल है।