धर्म संवाद / डेस्क : “तेरा शुक्रिया बाबा, तेरा शुक्रिया है, तूने ही जीने के काबिल किया है…” ये पंक्तियां बाबा बालक नाथ के प्रति भक्त की आस्था, विश्वास और कृतज्ञता को व्यक्त करती हैं। यह भजन उन श्रद्धालुओं के भावों को आवाज देता है, जो जीवन की हर मुश्किल घड़ी में बाबा को अपना सहारा मानते हैं।
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तेरा शुक्रिया बाबा तेरा शुक्रिया है
तूने ही जीने के काबिल किया है
तेरा शुक्रिया बाबा….
बालक नाथ बाबा अब तेरा ही सहारा है
पड़ी बाबा मुशकिल जब तुझे ही पुकारा है
मिला जो न जीवन में तूने दिया है
तेरा शुक्रिया बाबा……….
दर तेरे जो भी आस लेके आता है
मांगने से पेहले तेरे दर्श पाता है
सुबह शाम बाबा तेरा ध्यान किया है
तेरा शुक्रिया बाबा……..
धडकन के जैसे मेरे दिल में समाते हो
सांसो की माला मेरी तुम ही चलाते हो
जीने की वजा हो तुम जीवन दिया है
तेरा शुक्रिया बाबा






