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36 साल बाद कश्मीर में खुला रघुनाथ मंदिर, राम नवमी पर भव्य आयोजन

By Tami

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36 साल बाद कश्मीर में खुला रघुनाथ मंदिर, राम नवमी पर भव्य आयोजन

धर्म संवाद / डेस्क : जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में स्थित ऐतिहासिक Raghunath Temple Srinagar को करीब 36 साल बाद श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया गया। राम नवमी के पावन अवसर पर मंदिर में भव्य उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।

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36 साल बाद फिर गूंजे जय श्रीराम के जयकारे

श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके में स्थित इस प्राचीन मंदिर में दशकों बाद राम नवमी का आयोजन किया गया।

  • बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की
  • मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला
  • कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए यह खास पल रहा

क्यों बंद था मंदिर?

यह मंदिर करीब तीन दशक से अधिक समय तक बंद रहा था।

कारण:

  • 1990 के दशक में घाटी में बढ़ी अशांति
  • कश्मीरी पंडितों का पलायन
  • सुरक्षा कारणों से मंदिर बंद कर दिया गया था

1857 में हुआ था निर्माण

यह ऐतिहासिक मंदिर 19वीं सदी में बनाया गया था और कश्मीरी पंडितों के लिए धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है।

मंदिर की खास बातें:

  • महाराजा गुलाब सिंह द्वारा निर्माण की शुरुआत
  • भगवान राम (रघुनाथ) को समर्पित
  • घाटी की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा

राम नवमी पर दिखा भाईचारे का संदेश

मंदिर के पुनः खुलने के दौरान खास बात यह रही कि स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया।

इससे यह संदेश गया कि

  • घाटी में शांति और सौहार्द का माहौल बन रहा है
  • धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवित किया जा रहा है

भविष्य में और मंदिरों के खुलने की उम्मीद

मंदिर समिति का मानना है कि इस पहल से अन्य बंद पड़े मंदिरों के पुनर्निर्माण और पुनः खोलने का रास्ता भी साफ हो सकता है।

36 साल बाद रघुनाथ मंदिर का खुलना न सिर्फ एक धार्मिक घटना है, बल्कि यह कश्मीर में सांस्कृतिक पुनर्जागरण और भाईचारे का प्रतीक भी है।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .

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