धर्म संवाद / डेस्क : नए साल के मौके पर बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी 31 दिसंबर और 1 जनवरी को देश के चार प्रमुख धार्मिक स्थलों—तिरुपति, शिर्डी, वैष्णो देवी और अयोध्या में भारी भीड़ जुटने की संभावना है। अनुमान है कि इन दो दिनों में करीब 10 लाख श्रद्धालु इन स्थानों पर पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू दर्शन व्यवस्था के लिए मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।
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तिरुपति: एडवांस बुकिंग अनिवार्य
आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में 30 दिसंबर से वैकुंठ एकादशी उत्सव की शुरुआत हो रही है, जो 10 दिनों तक चलेगा। इसी दौरान नए साल का उत्सव भी पड़ रहा है, जिससे भीड़ काफी बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक केवल उन्हीं श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी, जिनके पास एडवांस बुकिंग वाला टोकन होगा। 29 से 31 दिसंबर के लिए कुल 1.89 लाख टोकन जारी किए जा चुके हैं, जिसके बाद काउंटर बंद कर दिए गए हैं। पिछले वर्ष भगदड़ जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए यह फैसला लिया गया है।
शिर्डी: पूरी रात खुला रहेगा मंदिर
महाराष्ट्र के शिर्डी साईं बाबा मंदिर में नए साल के मौके पर करीब 6 लाख भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। भीड़ को देखते हुए 31 दिसंबर को मंदिर पूरी रात खुला रहेगा। इसके चलते रात 10 बजे की शेजारती आरती और 1 जनवरी की सुबह होने वाली काकड़ आरती नहीं होगी। आम भक्तों की सुविधा के लिए वीआईपी दर्शन भी बंद रखे जाएंगे। साईं बाबा के मुख दर्शन के लिए बाहर एक विशेष सोने की खिड़की बनाई गई है। प्रशासन का दावा है कि इन व्यवस्थाओं से दर्शन का समय पहले की तुलना में कम होगा।
वैष्णो देवी: सख्त नियम और सीमित समय
जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए इस बार कड़े नियम लागू किए गए हैं। कटरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के दस्तावेजों की जांच होटलों में ही की जा रही है। पहचान सत्यापित होने के बाद ही यात्रा कार्ड जारी किया जाएगा। यह कार्ड भी सीमित समय के लिए मान्य होगा. कार्ड मिलने के 10 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी और 24 घंटे के अंदर लौटना अनिवार्य होगा। नए साल पर यहां 70 हजार से 1 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
अयोध्या: पहले से ही भारी भीड़
राम नगरी अयोध्या में पहले से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। नए साल के मौके पर करीब 2 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। शहर के अधिकांश बड़े होटल और धर्मशालाएं पहले ही फुल हो चुकी हैं। 1 जनवरी तक आरती और दर्शन की बुकिंग भी पूरी हो चुकी है। ठंड को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गों में गैस हीटर लगाए गए हैं। दर्शन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और बेहतर कतार प्रबंधन की व्यवस्था की है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सहयोग करें, ताकि सभी को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन का लाभ मिल सके।
