महाशिवरात्रि 2026: महामृत्युंजय मंत्र का महत्व, विधि और लाभ

By Tami

Published on:

mahashivratri-mahamrityunjaya-mantra

धर्म संवाद / डेस्क : महाशिवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा, भक्ति और तप का प्रतीक है। यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था। साथ ही, इसी तिथि को शिवजी का प्रथम बार लिंग रूप में प्राकट्य माना जाता है।

यह भी पढ़े : मृत्युंजय चालीसा | Mrityunjay Chalisa

इस दिन व्रत, पूजा और मंत्र जाप से जीवन के दुख, कष्ट और बाधाएं दूर होने की मान्यता है। विशेष रूप से महामृत्युंजय मंत्र को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

WhatsApp channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Join Now

महामृत्युंजय मंत्र का शास्त्रीय महत्व

महामृत्युंजय मंत्र का उल्लेख ऋग्वेद और यजुर्वेद में मिलता है। यह मंत्र ऋग्वेद के मंडल 7, सूक्त 59, श्लोक 12 में वर्णित है।

महामृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

मंत्र का अर्थ

हम त्र्यंबक (शिव) की उपासना करते हैं, जो सुगंधित और पुष्टिवर्धक हैं। हे रुद्र देव! जैसे फल डंठल से अलग हो जाता है, वैसे ही हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें और अमृत प्रदान करें।

महामृत्युंजय मंत्र जाप की सही विधि

महाशिवरात्रि के दिन मंत्र जाप करने से विशेष फल प्राप्त होता है। सही विधि इस प्रकार है:

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, पंचामृत, बेलपत्र, आक का फूल और गंगाजल अर्पित करें।
  • दीपक और धूप जलाएं।
  • रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें।
  • शांत स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
  • 108 बार मंत्र का जप करें।
  • जाप के दौरान शुद्ध उच्चारण और एकाग्रता बनाए रखें।

महामृत्युंजय मंत्र के प्रमुख लाभ

महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जप करने से अनेक आध्यात्मिक और मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं:

See also  भगवान कैलासवासी की आरती
1. स्वास्थ्य और मानसिक शांति

इस मंत्र के जप से शारीरिक रोगों और मानसिक तनाव में कमी आती है।

2. संकटों से मुक्ति

जीवन में चल रही परेशानियों, बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है।

3. आयु वृद्धि और सुरक्षा

मान्यता है कि यह मंत्र अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है और जीवन में सुरक्षा की भावना बढ़ाता है।

4. सकारात्मक ऊर्जा का संचार

मंत्र जाप से मन शुद्ध होता है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।

5. पारिवारिक और संतान सुख

संतान प्राप्ति और संतान की उन्नति के लिए भी यह मंत्र लाभकारी माना जाता है।

6. दोष निवारण

ज्योतिष के अनुसार, मांगलिक दोष, कालसर्प दोष और नाड़ी दोष जैसे दोषों के प्रभाव को शांत करने में सहायक है।

7. धन और समृद्धि

नियमित जप से आर्थिक स्थिरता, धन और वैभव में वृद्धि की संभावना बढ़ती है।

8. मान-सम्मान में वृद्धि

समाज में प्रतिष्ठा, सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ता है।

महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र का विशेष महत्व

महाशिवरात्रि के दिन किया गया महामृत्युंजय मंत्र का जाप हजार गुना फलदायी माना जाता है। इस दिन शिव भक्ति, उपवास और ध्यान के साथ मंत्र साधना करने से साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

महामृत्युंजय मंत्र न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि यह जीवन में स्वास्थ्य, शांति, सुरक्षा और समृद्धि भी प्रदान करता है। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर श्रद्धा और नियमपूर्वक इस मंत्र का जप करने से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Tami

Tamishree Mukherjee I am researching on Sanatan Dharm and various hindu religious texts since last year .