धर्म संवाद / डेस्क : आज यानी 25 सितंबर 2026 को 10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन हो रहा है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से शुरू हुआ गणेश महोत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ संपन्न होता है। इस दिन भक्तगण विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने के बाद उन्हें श्रद्धापूर्वक विदाई देते हैं।
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गणेश विसर्जन को लेकर कई धार्मिक परंपराएं भी प्रचलित हैं। मान्यता है कि बप्पा को विदा करने से पहले उनसे अपनी मनोकामना कहनी चाहिए, पूजा के दौरान हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगनी चाहिए और अगले वर्ष फिर घर आने का निमंत्रण देना चाहिए।
कई जगहों पर ऐसी धार्मिक मान्यता है कि विसर्जन से पहले गणपति जी के कान में अपनी बात कहने से भक्त की मनोकामना बप्पा तक पहुंचती है। आइए जानते हैं विसर्जन से पहले गणेश जी के कान में क्या कहना चाहिए और आज विसर्जन के कौन से मुहूर्त बताए गए हैं।
गणेश जी के किस कान में मनोकामना कहें?
धार्मिक परंपरा के अनुसार गणेश विसर्जन से पहले गणपति जी के दाहिने कान में अपनी मनोकामना कहने की मान्यता है। इस दौरान भक्त को मन शांत रखते हुए भगवान गणेश का ध्यान करना चाहिए। अपनी इच्छा या प्रार्थना धीरे से उनके कान में कहें। कुछ परंपराओं में यह भी कहा जाता है कि मनोकामना कहते समय मुंह को हल्के से ढक लेना चाहिए, ताकि यह एक निजी प्रार्थना की तरह रहे।
विसर्जन से पहले गणेश जी से क्या कहें?
1. अपनी मनोकामना करें व्यक्त
विसर्जन से पहले भक्त अपने जीवन से जुड़ी इच्छा या प्रार्थना गणपति बप्पा के सामने रख सकते हैं। धार्मिक मान्यता में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है, इसलिए भक्त उनसे अपने जीवन की बाधाएं दूर करने और सही मार्ग दिखाने की प्रार्थना करते हैं।
2. पूजा में हुई भूल के लिए मांगें क्षमा
10 दिनों तक पूजा-अर्चना के दौरान जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए भगवान गणेश से क्षमा मांगें। आप सरल शब्दों में प्रार्थना कर सकते हैं—
“हे विघ्नहर्ता, दस दिनों की सेवा और पूजा में हमसे जो भी भूल-चूक हुई हो, उसे क्षमा करें और अपनी कृपा हमेशा बनाए रखें।”
3. अगले साल फिर आने का निमंत्रण दें
गणपति बप्पा को विदाई देते समय अगले वर्ष फिर घर आने का निमंत्रण देने की परंपरा भी कई जगहों पर निभाई जाती है।
इस दौरान भक्त श्रद्धा से कहते हैं—
“गणपति बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या!”
अर्थात हे बप्पा, अगले वर्ष जल्दी आइए और फिर अपने भक्तों को दर्शन दीजिए।
4. घर में सुख-शांति की प्रार्थना करें
विदाई से पहले भगवान गणेश से परिवार के लिए सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की प्रार्थना भी कर सकते हैं। भक्त उनसे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखने और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की कामना करते हैं।
गणेश विसर्जन के समय कौन सा मंत्र बोलें?
गणेश विसर्जन के दौरान भगवान गणेश का ध्यान करते हुए मंत्र जाप करने की धार्मिक परंपरा है। इस अवसर पर यह मंत्र बोला जा सकता है—
ॐ यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्ध्यर्थं पुनरागमनाय च॥
इस मंत्र के साथ भक्त भगवान गणेश को श्रद्धापूर्वक विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हैं।
Ganesh Visarjan 2026: शुभ चौघड़िया मुहूर्त
आपके दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को गणेश विसर्जन के लिए ये चौघड़िया समय बताए गए हैं:
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) | सुबह 06:28 से 10:59 बजे तक |
| अपराह्न मुहूर्त (शुभ) | दोपहर 12:30 से 02:01 बजे तक |
| अपराह्न मुहूर्त (चर) | शाम 05:02 से 06:32 बजे तक |
| रात्रि मुहूर्त (लाभ) | रात 09:31 से 11:01 बजे तक |
| रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) | 26 सितंबर रात 12:30 से सुबह 04:59 बजे तक |
चतुर्दशी तिथि: 24 सितंबर 2026 को रात 11:18 बजे से शुरू होकर 25 सितंबर 2026 को रात 11:06 बजे तक।
नोट: चौघड़िया और स्थानीय पूजा मुहूर्त शहर तथा पंचांग परंपरा के अनुसार थोड़ा अलग हो सकते हैं। अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
गणेश विसर्जन के समय इन बातों का रखें ध्यान
विसर्जन से पहले गणपति बप्पा की विधिवत पूजा करें। उन्हें फूल, अक्षत, दूर्वा और अपनी श्रद्धा के अनुसार नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद आरती करके परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
गणेश जी को विदाई देते समय मन में श्रद्धा और सकारात्मक भाव रखें। पर्यावरण की दृष्टि से प्राकृतिक और मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा का उपयोग करना तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित कृत्रिम विसर्जन कुंड या जलाशय में विसर्जन करना बेहतर विकल्प है।






