धर्म संवाद / डेस्क : वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर होने वाली मंगला आरती के लिए पिछले वर्ष की व्यवस्था को ही लागू रखा जाएगा। मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने निर्णय लिया है कि मंदिर के अंदर केवल 600 श्रद्धालुओं को ही मंगला आरती में शामिल होने की अनुमति होगी। बाकी श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर लगाई जाने वाली बड़ी स्क्रीन पर लाइव दर्शन कर सकेंगे। यह फैसला शुक्रवार को आयोजित मंदिर प्रबंधन समिति की 18वीं बैठक में लिया गया।
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जन्माष्टमी पर क्यों सीमित रहेगा प्रवेश?
मंदिर प्रशासन के अनुसार, जन्माष्टमी के अवसर पर लाखों श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीमित प्रवेश की व्यवस्था लागू की गई है। पिछले वर्ष भी यही व्यवस्था लागू की गई थी और इस बार भी इसे बरकरार रखा गया है।
बैठक में सेवायत सदस्यों ने जताई नाराजगी
बैठक के दौरान सेवायत सदस्यों ने प्रबंधन समिति पर उनकी अनदेखी करने का आरोप लगाया। सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने कहा कि—
- बैठक की नियमावली उपलब्ध नहीं कराई गई।
- बैठक का एजेंडा समय पर साझा नहीं किया गया।
- उनके सुझावों पर चर्चा नहीं हुई।
- गलियारा परियोजना से जुड़ी रजिस्ट्री के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि समिति केवल सरकारी मंशा के अनुरूप कार्य कर रही है और सेवायतों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
मंदिर परिसर के विकास के लिए बनेगी नई समिति
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ाने और भूमि खरीद से जुड़े मामलों के लिए सेवानिवृत्त जिला जज मुकेश मिश्र की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें दो सेवायत प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और निर्णय लिए गए—
- जन्माष्टमी पर मंगला आरती में केवल 600 श्रद्धालुओं को प्रवेश।
- दानपेटिका खोलने के दौरान बायोमैट्रिक सत्यापन और सुरक्षा जांच लागू होगी।
- मंदिर में सफाई व्यवस्था के लिए नए टेंडर पर विचार।
- जगन्नाथ रथयात्रा में चांदी का रथ नहीं लगाए जाने की जांच होगी।
- भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन, पुलिस और सेवायतों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।
- राजस्थान के करौली स्थित मंदिर भूमि विवाद में समिति न्यायालय में अपना पक्ष रखेगी।
- अगली बैठक 7 सितंबर को आयोजित होगी।
सेवायतों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
बैठक में सेवायत सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव दिए—
- ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से दर्शन की व्यवस्था शुरू की जाए।
- पूरे मंदिर परिसर को वातानुकूलित (एयर कंडीशन) किया जाए।
- कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक एंट्री सिस्टम लागू हो।
- ठाकुरजी के मुखारविंद पर लगी फोकस लाइट हटाई जाए।
- मंदिर के आसपास की गलियों के चौड़ीकरण की प्रक्रिया तेज की जाए।
- आर्किटेक्ट के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए।
दो महीने में दानपेटिका में आए 3.90 लाख रुपये
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पिछले दो महीनों में मंदिर की दानपेटिका में 3.90 लाख रुपये का दान प्राप्त हुआ है। दानपेटिका खोलने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी।
गलियारा प्रभावित लोगों ने भी सौंपा सुझाव पत्र
बैठक के बाद गलियारा परियोजना से प्रभावित लोगों ने भी समिति को सुझाव पत्र सौंपा। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग, ऑनलाइन पंजीकरण, चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था, विस्तृत बैरिकेडिंग और सड़क चौड़ीकरण की मांग की।
