धर्म संवाद / डेस्क : हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप को समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार, अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक भगवान श्रीहरि की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परेशानियों से मुक्ति की कामना पूरी होती है।
यह भी पढ़े : पितृ पक्ष में क्या नहीं खरीदना चाहिए? जानें 6 चीजों की मान्यता
अनंत चतुर्दशी का पर्व गणेश उत्सव के समापन से भी जुड़ा हुआ है। जहां एक ओर इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है, वहीं दूसरी ओर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाता है। इस वजह से धार्मिक दृष्टि से यह दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
भगवान विष्णु को क्यों कहा जाता है ‘अनंत’?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को ‘अनंत’ कहा जाता है, क्योंकि उनका कोई आदि और अंत नहीं है। वे सृष्टि के पालनकर्ता माने जाते हैं। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के इसी अनंत स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार, अनंत चतुर्दशी सनातन धर्म का पवित्र पर्व है। इस दिन श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करते हैं।
अनंत चतुर्दशी पर करें इस मंत्र का जाप
धार्मिक मान्यता के अनुसार अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के ‘अनंत’ स्वरूप का ध्यान करते हुए ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
पंडित कल्कि राम के बताए उपाय के अनुसार, अनंत चतुर्दशी से एक दिन पहले दो कच्चे केले घर में लाकर रखे जा सकते हैं। अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद पूजा स्थान को साफ करें। इसके बाद एक सफेद कपड़े को हल्दी से रंगकर पूजा स्थान पर बिछाएं।
इस कपड़े के ऊपर दोनों कच्चे केले और एक हल्दी की गांठ रखें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का 12 बार जाप करें। धार्मिक मान्यता में इस मंत्र के जाप को भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप के स्मरण से जोड़ा जाता है। हालांकि, किसी भी धार्मिक उपाय को आस्था और परंपरा के अनुसार ही करना चाहिए।
आर्थिक संकट से राहत के लिए क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनंत चतुर्दशी का दिन सुख-समृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पंडित कल्कि राम के अनुसार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे व्यक्ति अनंत चतुर्दशी की शाम एक पारंपरिक उपाय कर सकते हैं।
इसके लिए एक साफ फूल या पीतल का कटोरा लें और उसमें गेहूं भरें। गेहूं में एक हल्दी की गांठ रखें। इसके बाद कटोरे को पूजा स्थान पर अपने सामने रखें और दीपक जलाएं। हल्दी की गांठ के पास दीपक रखकर ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
मंत्र जाप पूरा होने के बाद गेहूं से भरे पात्र को पीले कपड़े से ढककर रसोई के किसी साफ स्थान पर रखने की मान्यता बताई गई है। धार्मिक विश्वास के अनुसार इस उपाय का उद्देश्य भगवान विष्णु से सुख, समृद्धि और आर्थिक स्थिरता की प्रार्थना करना है। इसे आर्थिक समस्या का निश्चित समाधान न मानकर आस्था से जुड़ा धार्मिक उपाय समझना चाहिए।
अनंत चतुर्दशी पर पूजा का महत्व
अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ अनंत सूत्र धारण करने की भी परंपरा है। कई स्थानों पर श्रद्धालु पूजा के दौरान भगवान विष्णु से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है। अनंत चतुर्दशी का संदेश व्यक्ति को भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
अनंत चतुर्दशी 2026: ध्यान रखने वाली बातें
- अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी।
- इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है।
- ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का जाप करने की धार्मिक मान्यता है।
- अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है।
- गणेश उत्सव का समापन और गणपति विसर्जन भी इसी दिन किया जाता है।
- पूजा और उपाय अपनी पारिवारिक परंपरा तथा स्थानीय मान्यताओं के अनुसार करना उचित माना जाता है।
